बताया गया कि गुरुवार रात प्रभु ढाबा के पास हाईवे कर्मियों की नजर सड़क किनारे खड़ी लखनऊ नंबर की कार पर पड़ी। कार के अंदर एक व्यक्ति अचेत अवस्था में पड़ा दिखाई दिया। इसके बाद हाईवे कर्मियों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। जानकारी मिलते ही बख्शा पुलिस मौके पर पहुंची। कार अंदर से बंद होने के कारण पुलिस ने शीशा तोड़कर दुर्गेश को बाहर निकाला और उपचार के लिए अस्पताल भेजा। वहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस अधिकारियों ने भी मौके का निरीक्षण किया। फॉरेंसिक टीम को बुलाकर घटनास्थल से साक्ष्य एकत्र कराए गए। पुलिस ने कार और उसमें मिले सामान की भी जांच की। घटनास्थल से मिले सुसाइड नोट को भी जांच का हिस्सा बनाया गया है।
थानाध्यक्ष प्रशांत सिंह ने बताया कि घटना प्रथमदृष्टया आत्महत्या की प्रतीत हो रही है। हालांकि, पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। मृतक की पत्नी रचना श्रीवास्तव के अनुसार, दुर्गेश करीब एक सप्ताह से डिप्रेशन में थे। पुलिस अब सुसाइड नोट, घटनास्थल से मिले साक्ष्यों और अन्य परिस्थितियों की जांच कर घटना के कारणों का पता लगाने में जुटी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद स्थिति और स्पष्ट होने की बात पुलिस ने कही है।