एसीपी साइबर क्राइम विदुष सक्सेना ने शनिवार को पुलिस लाइन सभागार में ठगी के अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया। उन्होंने बताया कि ऑपरेशन म्यूल स्ट्राइक अभियान के तहत साइबर सेल, सिगरा, चेतगंज, चोलापुर और भेलूपुर थाने की पुलिस ने जांच की और ठगी के आरोपियों तक पहुंची।
10 राज्यों में साइबर ठगी की 51 शिकायतें राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) पर दर्ज हुई थीं। जांच के दौरान रुपये का ट्रांजेक्शन वाराणसी में मिला। इसके बाद जांच शुरू हुई, तो 2.42 करोड़ रुपये के संदिग्ध लेन-देन का पता चला। साइबर ठगों ने ठगी से प्राप्त धनराशि को एक बैंक खाते से दूसरे खाते में भेजी थी। हालांकि साइबर सेल ने 2.09 करोड़ रुपये होल्ड करा दिए।
ठगी की सबसे ज्यादा धनराशि बुनकर की पत्नी राजदा बीबी के बैंक खाते में भेजी गई थी। इसमें से दो करोड़ रुपये होल्ड कराए गए। 29 लाख रुपये का लेन-देन हो चुका था। राजदा गृहिणी हैं। उसके बैंक खातों का संचालन पति मोहम्मद उनैश ही करता था इसलिए उसे गिरफ्तार किया गया। पुलिस आरोपी की पत्नी से जल्द ही पूछताछ करेगी।
पांच म्यूल बैंक खाते बंद कराए, 51 शिकायतें दर्ज, 31 की चल रही जांच : एसीपी ने बताया कि लेन-देन के लिए साइबर ठगों ने म्यूल बैंक खातों का उपयोग किया। 51 बार में ठगी की और धनराशि को खपाने का काम किया। पांच म्यूल खातों को तुरंत बंद करा दिया गया। 31 बैंक खातों की जांच की जा रही है। गिरफ्तार आरोपी शुभम सिंह का काम लालच, कमीशन या अन्य प्रलोभन देकर बैंक खाता खुलवाने का था। साइबर अपराधी उसे कमीशन के रूप में 10 हजार रुपये देते थे।
रोहनिया के अजीत के बैंक खाते में 22 लाख आए, छह लाख होल्ड कराए जा सके
साइबर ठगों ने रोहनिया थाना क्षेत्र के धमहा हरदत्तपुर के अजीत कुमार पटेल के बैंक खाते में चार बार में 22 लाख रुपये भेजे थे। इनमें से 16 लाख का लेन-देन हो गया था। छह लाख रुपये होल्ड कराने में पुलिस सफल रही है। जैतपुरा नक्कीघाट के आरिफ जमाल के बैंक खाते में एक बार में ही एक लाख रुपये भेजे गए थे जिसका लेन-देन हो गया था। एसीपी के मुताबिक, बैंक खातों से हर लेन-देन पर खाता धारकों को 10-10 हजार रुपये कमीशन मिलते थे।