धमाका इतना जोरदार था कि एक किमी तक का इलाका दहल उठा। बिचलापुरा मुहल्ला निवासी छोटू विश्वकर्मा की विधवा रीता सुबह चाय बनाने के लिए नए सिलेंडर का ढक्कन खोलकर रेगुलेटर लगाने ही जा रही थी कि सिलेंडर से तेजी से गैस निकलने लगी। प्रकाश के लिए उसने घर में रखी इमरजेंसी लाइट जलाई तो तुरंत तेज आवाज के साथ जोरदार धमाका हो गया।
रीताशोर मचाती हुई तेजी से बाहर भागी लेकिन उसकी दो बेटियां मोना(22) और रंजना(16) बोरी भिगोकर आग बुझाने की कोशिश करने लगीं। इसी दौरान तेज धमाके से उसका दो मंजिला मकान भरभरा कर गिर पड़ा।
इसी के साथ बगल स्थित भीमा का दो मंजिला मकान भी जमींदोज हो गया। इसके साथ ही बगल के कन्हैया सहित तीन लोगों के मकान भी क्षतिग्रस्त हो गए। इस हादसे में घरों में रहने वाले 23 लोग दब गए, जबकि मदरसा में पढ़ने जा रहे दो सगे भाई, दूध लेकर जा रहा एक बच्चा और एक महिला भी घायल हो गई।
मौके से आठ मृतकों के शव मलबे से निकाले गए। घायलों को आनन-फानन में निकट के मुहम्मदाबाद सीएचसी भेजा गया, जहां से गंभीर रूप से घायलों को बीएचयू और आजमगढ़ के लिए रेफर कर दिया गया।
आजमगढ़ के मंडलीय अस्पताल में एक युवती की मौत हो गई। समाचार दिए जाने तक 13 लोगों की मौत की पुष्टि जिला प्रशासन ने कर दी थी। जबकि अन्य घायलों का इलाज चल रहा है। हादसे की गंभीरता को देखते हुए गोरखपुर से एनडीआरएफ की टीम को बचाव कार्य के लिए बुलाया गया। एनडीआरएफ ने चार लोगों के मलवे में दबे होने की आशंका जताई। मौके पर आए मंत्री उपेंद्र तिवारी को लोगों के विरोध का सामना करना पड़ा है।
मृतकों की सूची:
1.जीशान अख्तर(16) और 2. यासिर(10), पुत्र गण जावेद अख्तर 3. सिम्पी(19)पुत्री कन्हैया, 4.सारिका(22) पुत्री कन्हैया, 5. सुजीत(8) पुत्र भृगुनाथ, 6.सुनीता(20) पुत्री भृगुनाथ, 7. शिवम(10) पुत्र रामदरस, 8. सुरेन्द्र(48) पुत्र विश्वनाथ, 9. निधि (8)पुत्री सुरेंद्र, 10. अभिषेक(10) पुत्र तुलसी, 11. अंशू(15) पुत्री तुलसी, 12. मुराती(45) पत्नी तुलसी और 13. इम्तियाज(22) पुत्र अब्दुल कुद्दूस हैं।
घायलों की सूची:
1.शैलेष वर्मा(32) पुत्र रामाश्रय 2. रामबालक(57) पुत्र केशव, 3. रीना(22) पुत्री कन्हैया, 4. मोना(20) पुत्री छोटू, 5. ममता (18) पुत्री छोटू, 6. सोनम(21) पुत्री कन्हैया, 7. चमेली(60) पत्नी सूर्यनारायन, 8. सुभावती(58) पत्नी खेदू, 9. रामरती(50) पत्नी सत्यप्रकाश, 10. अजीत(8) पुत्र भृगुनाथ, 11. अर्चना(15) पुत्री बिरजू,12. संजना(16) पुत्री छोटू, 13. इन्द्रावती(45) पत्नी दूधनाथ, 14. सावित्री(42) पत्नी कतवारू हैं।
वहीं लोगों की मानें तो होम डिलीवरी के समय सिलेंडर को चेक किया गया होता तो हादसा टल सकता था। सिलेंडर हिंदुस्तान पेट्रोलियम का बताया जा रहा है। शोक में वलीदपुर के व्यापारियों ने बाजार को बंद कर दिया है। घटना के दो घंटे बाद घटनास्थल पर डीएम और एसपी पहुंचे तो स्थानीय लोग आक्रोशित हो गए। वहीं पांच घंटे बाद घटनास्थल पर डीआईजी कमिश्नर भी पहुंच गए।
धमाके से आधे किलोमीटर तक का इलाका दहल गया था। वहीं इस हादसे में दो बच्चों की भी मौत हो गई, जो मदरसा जा रहे थे। ये दोनों सगे भाई बताए जा रहे हैं। विस्फोट की आवाज सुनकर जब एक शख्स लोगों को बचाने के लिए दोड़ा तो उसपर भी मकान का मलबा गिर गया, जिससे उसकी भी जान चली गई। सिलेंडर ब्लास्ट की जांच यूपी एटीएस भी करेगी। इसके लिए आजमगढ़ से एटीएस की एक टीम मऊ रवाना हुई है। बताया जा रहा है कि ब्लास्ट के हर पहलू की जांच कर एटीएस जिला पुलिस-प्रशासन से रिपोर्ट साझा करेगी।
सीएम योगी आदित्यनाथ ने हर संभव मदद का आश्वासन दिया:
वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मऊ में सिलेंडर फटने की दुर्घटना में लोगों की मृत्यु पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने जिला प्रशासन के अधिकारियों को घायलों के उपचार की समुचित व्यवस्था करने और इस हादसे के पीड़ितों को हर संभव मदद एवं राहत प्रदान करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति की प्रार्थना करते हुए मृतकों के शोक संतप्त परिजनों के प्रति संवेदना भी व्यक्त की है।
वहीं कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने भी इस हादसे पर शोक व्यक्त किया है। उन्होंने ट्विटर पर लिखा कि मऊ में सिलेंडर फटने से हुए हादसे में 11 लोगों की मौत की खबर सुनकर मन काफी आहत है। ईश्वर शोकाकुल परिवारों और उनके प्रियजनों को इस दुःख की घड़ी में मजबूती दे।