2019 के चुनाव में पूर्वांचल की लालगंज, गाजीपुर, जौनपुर और घोसी सीट पर बसपा ने जीत हासिल की थी। चारों सीटों पर जीते सांसदों ने इस बार पार्टी का साथ छोड़ दिया है।
लोकसभा चुनाव की आहट के साथ बहुजन समाज पार्टी के सांसदों ने दूसरे ठौर तलाशने शुरू कर दिए थे। पूर्वांचल में जीते चार सांसदों में से तीन साथ छोड़ गए तो घोसी से अतुल राय का अधिकतर समय जेल में बीता। ऐसे में पार्टी ने इस बार चुनाव में जीती हुई सभी सीटों पर नए चेहरों पर दांव लगाया है।
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लालगंज सीट पर बसपा की संगीता आजाद ने जीत हासिल की थी। उन्होंने भाजपा की नीलम सोनकर को हराया था। इस बार बसपा ने डॉ. इंदु चौधरी को टिकट दिया है। वहीं जौनपुर से बसपा सांसद श्याम सिंह यादव ने पिछले दिनों कांग्रेस नेता राहुल गांधी से मुलाकात की थी।
वह कांग्रेस की भारत जोड़ो यात्रा में शामिल हुए थे। माना जा रहा था कि उन्होंने खुद को पार्टी से अलग होने के संकेत दे दिए थे। इस चुनाव में बसपा ने पूर्व सांसद धनंजय सिंह की पत्नी जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीकला सिंह को चुनाव मैदान में उतारा है।
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श्याम सिंह यादव ने 2019 के चुनाव में भाजपा के कृष्ण प्रताप सिंह को हराया था। इसी तरह घोसी सीट से अतुल राय का टिकट काट दिया है। अतुल राय का पूरा कार्यकाल लगभग जेल में ही बीता है। उनकी संसद में उपस्थिति भी सिर्फ एक फीसदी ही रही है।
उनकी जगह बसपा ने पूर्व सांसद बालकृष्ण चौहान को टिकट दिया है। बालकृष्ण कांग्रेस छोड़कर बसपा में शामिल हुए हैं। अतुल राय इस सीट पर भाजपा के हरिनारायण को हराकर चुनाव जीते थे।
वहीं गाजीपुर सीट पर मुख्तार अंसारी के भाई अफजाल अंसारी पिछले चुनाव में बसपा की टिकट पर संसद पहुंचे थे। इस बार सपा ने उन्हें प्रत्याशी बनाया है। ऐसे में बसपा ने डॉ. उमेश सिंह को प्रत्याशी बनाया है। अफजाल अंसारी ने भाजपा के मनोज सिन्हा को चुनाव हराया था।
बसपा ने पूर्वांचल की इन सीटों पर घोषित किए प्रत्याशी
वाराणसी से अतहर जमाल लारी, चंदौली से सत्येंद्र मौर्य, राॅबर्ट्सगंज से धनेश्वर गौतम एडवोकेट, घाेसी से बालकृष्ण चौहान, लालगंज से डॉ. इंदु चौधरी, मिर्जापुर से मनीष त्रिपाठी, गाजीपुर से डॉ. उमेश सिंह, आजमगढ़ से भीम राजभर, जौनपुर से श्रीकला सिंह, बलिया से लल्लन सिंह यादव।