यूपी की इस सीट पर आंकड़े गवाह हैं, यहां एमवाई फैक्टर ही जीत के दरवाजे खोलता रहा है। सपा का दावा है कि विरासत वापस लेंगे, जबकि भाजपा का कहना है कि उपचुनाव की जीत दोहराएंगे।
आजमगढ़ लोकसभा सीट पर रामलहर या फिर मोदी लहर, बड़े से बड़े मुद्दे सब फीके पड़ गए। यहां सिर्फ एक ही फैक्टर अब तक हावी रहा है और वह है मुस्लिम-यादव मतदाता का। भाजपा ने इस सपाई किले में दो बार सेंध तो जरूर लगाई मगर दोनों बार जीते यादव ही।
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उपचुनाव 2022 को छोड़ दिया जाए तो यह सीट कभी सत्ता के साथ नहीं गई। यहां से सपा संस्थापक मुलायम सिंह भी जीते तो अखिलेश यादव भी सांसद बने और उप्र के पूर्व मुख्यमंत्री रामनरेश यादव भी यहां से जीत हासिल कर चुके हैं।
आजमगढ़ में हुए 20 चुनाव में 17 बार तो एमवाई प्रत्याशी ही संसद पहुंचे। यहां जातीय मुद्दा कभी रहा ही नहीं। विकास का मुद्दा भी कभी हावी नहीं हो सका क्योंकि वोट हमेशा जाति आधारित ही पड़ा। भाजपा नेता आजमगढ़ की यूनिवर्सिटी, संगीत महाविद्यालय, हवाई अड्डा और पूर्वांचल एक्सप्रेसवे का काम बता रहे हैं।
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मोदी-योगी भी रैली कर पूरी ताकत झोंक चुके हैं। सपा की राष्ट्रीय प्रवक्ता नेहा यादव कहती हैं कि उपचुनाव में भाजपा की झूठी जीत थी। सपा के लिए वह हार एक्सीडेंटल थी। दरअसल सपा प्रत्याशी धर्मेंद्र यादव ने उस हार को एक्सीडेंटल कहना शुरु किया तो अब सभी कार्यकर्ता वही कहते हैं।
इधर, बसपा के मशहूद अहमद लड़ाई को त्रिकोणीय बनाने की कोशिश तो कर रहे हैं मगर हार-जीत का आंकड़ा एक लाख के करीब बैठ रहा है। कारण, मुस्लिम मतों में उस तरह का बिखराव होता नहीं दिखाई दे रहा जिस तरह दिखना चाहिए।
भाजपा के नेता रैलियों में जहां विकास कार्य गिना रहे हैं वहीं सपा मुलायम सिंह के समय के रिश्ते बता रही है और अखिलेश सरकार में हुए कामों के सहारे मैदान में है। राम मंदिर की चर्चा भी मतदाताओं में है मगर उस तरह से इसकी वोट में तब्दीली नहीं दिखाई देती है जिस तरह मतदाता उसकी चर्चा शुरू करते हैं।
मुद्दे भी हैं और समस्याएं भी
सुबह करीब साढ़े 8 बजे सड़कों पर सफाई कर लौट रही सर्फददीननगर की रेनू कहती हैं कि मोदी-योगी से कोई शिकायत नहीं है। काम हुआ या नहीं हुआ पता नहीं अब छिनैती नहीं होती है। पहले यह सब बहुत होता था। वोट देने के नाम पर कहती हैं कि सरकार उन्हें न तो संविदा पर कर रही है और न ही सरकारी, आए दिन उनका वेतन कटता है।
कहती हैं कि अभी वोट देने के नाम पर परिवार में कर्मचारियों के साथ बैठकर एक राय ली जाएगी उसी आधार पर मतदान करेंगी। हरवंशपुर की सुनीता कहती हैं कि सरकार ने रोजगार पर कोई काम नहीं किया है हां सुरक्षा दी और बिजली दी है। दलालघाट के रमेश कहते हैं कि भाजपा सरकार में ही राम मंदिर मिला है।