राज्यपाल रामनाईक ने रविवार को संपूर्णानंद संविवि के दीक्षांत समारोह में 28394 मेधावियों को उपाधियां वितरित कीं। इसमें 13753 छात्र और 14641 छात्राएं शामिल थीं। विभूतियों, संस्थानों के नाम पर 57 पदक भी दिए।
इस आंकड़े का हवाला देते हुए राज्यपाल ने कहा कि बेटियां संस्कृत की पढ़ाई में भी बेटों से आगे निकल गई हैं। यह देश के लिए शुभ चिह्न है। इससे संस्कृत और परिवार दोनों का उन्नयन होगा। पारिवारिक बिखराव रुकेगा और एकजुटता आएगी।
उन्होंने कहा कि देश भर में महिलाओं का सशक्तिकरण दिखने लगा है। अटल जी के सर्व शिक्षा अभियान को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ के नारे से जोड़कर एक बड़े परिवर्तन की शुरुआत की है। उन्होंने यूपी में उच्च शिक्षा के स्तर में सुधार आने का दावा किया।
साथ ही मेधावियों को दिए संदेश में कहा कि आज से जीवन की असली लड़ाई की शुरुआत करें। कड़ी मेहनत के बल पर ही सफलता हासिल की जा सकती है। राज्यपाल 12:42 बजे दीक्षांत मंडप में पहुंचे।
शिष्टयात्रा में हिस्सा लेने के बाद कहा कि संस्कृत से ही संस्कृति का निर्माण होता है। लड़कियां जिस तरह से संस्कृत के क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं वह बेहद सुखद है।
अब हर दफ्तर में दिखती हैं महिलाएं
दीक्षांत समारोह
- फोटो : अमर उजाला
राज्यपाल रामनाईक ने कहा कि अब हर क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़ने लगी है। पहले महिलाएं शिक्षिका या नर्स ही बनना चाहती थीं, लेकिन अब जिस दफ्तर में जाइए, वहां महिलाएं जरूर दिखेंगी। महिलाएं सरहद की हिफाजत में भी हैं और पायलट भी।
अब तो देश का रक्षा मंत्रालय भी महिला के हाथ में है। इस उन्होंने बड़ा परिवर्तन बताया। राज्यपाल ने काशी में तीन विश्वविद्यालयों की स्थापना करने वाले तीन विभूतियों महामना मदन मोहन मालवीय, राष्ट्ररत्न शिव प्रसाद गुप्त और बाबू संपूर्णानंद को नमन किया।
उन्होंने कहा कि संस्कृत व योग के रिश्ते को सारी दुनिया हजारों वर्षों से जानती है। लेकिन विश्व में अब लोग भारत के महत्व से परिचित होने लगे हैं। पीएम मोदी ने विश्व को भारतीय योग के महत्व से परिचित कराया और अब नतीजा सामने है।
संचालन प्रो. रामकिशोर त्रिपाठी, पौराणिक मंगलाचरण सुनील कुमार चौधरी, स्वागत भाषण वीसी प्रो.यदुनाथ प्रसाद दुबे व धन्यवाद ज्ञापन कुलसचिव प्रभाष द्विवेदी ने किया। समारोह में ही 37 छात्रों को 57 मेडल दिए गए।