कल्याण सिंह जब भी बनारस आते तो मेरी पीठ दो बार थपथपाते थे। एक बार जैतपुरा के भाजपा कार्यकर्ता बालजी पाठक को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। इसके विरोध में जैतपुरा बंद कराया गया। उस समय कल्याण सिंह बनारस आए थे, लेकिन मुख्यमंत्री नहीं थे। हम लोगों ने जुलूस निकाला। वे मेरे साथ चल रहे थे। इसी बीच पुलिस ने जुलूस में लाठीचार्ज कर दिया। हम लोग किनारे खड़े हो गए।
उस दौरान बनारस के हालत पर काफी देर तक चर्चा हुई थी। इस आंदोलन के लिए उन्होंने मेरी पीठ थपथपाई। पहले इतनी बड़ी सभाएं नहीं होती थी। उस समय कार्यकर्ता जहां बुलाते थे वहां कल्याण सिंह भाषण देने आते थे। चौक, मैदागिन की सभा में आए थे। वहां कोई पंडाल नहीं था, जनता की भीड़ उनका नाम सुनकर जुट जाती थी।