कानपुर बैराज से पानी छोड़े जाने के बाद वाराणसी, बलिया, मिर्जापुर, चंदौली और गाजीपुर में गंगा खतरे के निशान के ऊपर बह रही है। पूर्वांचल के 10 जिलों के करीब 250 गांव बाढ़ के पानी से घिर चुके हैं। वाराणसी में जल पुलिस चौकी गंगा में डूब चुकी है।
चंदौली व गाजीपुर में भी पुलिस चौकी डूब गई है। स्कूलों और घरों में पानी भर गया है। सड़कों पर नावें चलाई जा रही हैं। हजारों एकड़ फसल बर्बाद हो गई है। गोमती, सरयू नदी भी उफान पर हैं।
वहीं, बाढ़ के पानी में नहाते समय डूबने से मिर्जापुर में प्रीतम यादव (16), गणेश यादव (15) और गाजीपुर में शुभम गुप्ता (17) की मौत हो गई। सोनभद्र में नाले को पार करते समय बाइक सवार दिनेश (19) और अंकित (18) बह गए, जबकि तीसरे युवक अक्षय (19) को बचा लिया गया। दोनों की तलाश जारी है।
बलिया में गंगा खतरा बिंदु से दो मीटर ऊपर
मिर्जापुर में गंगा ने खतरे का निशान पार कर लिया है। रविवार शाम चार बजे तक जलस्तर 78.060 मीटर तक पहुंच गया था। बलिया में उजियार से लेकर मांझी तक गंगा नदी के तटीय गांव पानी से घिर गए हैं। रविवार शाम 4 बजे जलस्तर 59.420 मीटर दर्ज किया गया, जो कि खतरा बिंदु से दो मीटर अधिक है।