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आज थमेगा प्रचार का शोर, तीनों दिग्गज रैली कर दिखाएंगे अपनी ताकत

Mon, 06 Mar 2017 10:54 AM IST
amarujala.com- Presented by : अजय कुमार सिंह
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अखिलेश यादव, नरेंद्र मोदी, राहुल गांधी
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यूपी विधानसभा चुनाव के सातवें एवं अंतिम चरण के मतदान के लिए आज शाम पांच बजे चुनाव प्रचार का शोर थम जाएगा। प्रचार के अंतिम दिन सभी पार्टियों के दिग्गज नेता अपनी पूरी ताकत झोंकने की तैयारी में हैं। पीएम नरेंद्र मोदी जहां वाराणसी में परिवर्तन संकल्प रैली निकालेंगे, वहीं सीएम अखिलेश यादव और राहुल गांधी भी वाराणसी में अपनी ताकत दिखाएंगे।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सुबह दस बजे वाराणसी के गढ़वाघाट आश्रम जाएंगे। एसपीजी की निगरानी में सुरक्षा के फुलप्रूफ इंतजाम किए गए हैं। आश्रम पहुंचने के बाद पीएम पहले श्रीश्री 1008 आत्मा विवेकानंद जी महाराज की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन करेंगे। फिर संत समागम में शामिल होंगे। जहां मंचासीन सद्गुरु शरणानंद जी महाराज से प्रधानमंत्री चर्चा करेंगे।

आश्रम के व्यवस्थापक बहादुर बाबा ने बताया कि प्रधानमंत्री को प्रसाद में आंवले और करौंदे का मुरब्बा एवं काजू की बरफी दी जाएगी। पीएम डीरेका से लंका, नगवा, सामने घाट होते हुए गढ़वाघाट पहुंचेंगे। इस रूट पर बिजली के जर्जर तार-खंभे हटाकर नए सिरे से उन्हें दुरुस्त कराया गया है। नगर निगम की ओर से साफ-सफाई के साथ ही सड़क किनारे के अतिक्रमण हटवाए गए। लोक निर्माण विभाग ने सड़कों पर पैचिंग का काम पूरा कराया। आश्रम तक सुरक्षा के मद्देनजर जगह-जगह बैरिकेडिंग और पार्किंग की व्यवस्था की गई है।
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अखिलेश और राहुल की प्रेस कॉन्फ्रेंस रद्द

- फोटो : अमर उजाला
प्रधानमंत्री के आगमन के दौरान हाईवे पर डाफी से वाहनों का आवागमन रोक दिया जाएगा। एसपीजी ने अपनी निगरानी में मंच तैयार कराया है। आश्रम के 150 से अधिक महात्मा मतदाता हैं। पूर्वांचल के कई हिस्सों में इस आश्रम का खास प्रभाव माना जाता है।

अखिलेश और राहुल की प्रेस कॉन्फ्रेंस रद्द 
सीएम अखिलेश यादव और कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी भी सोमवार को वाराणसी में ही रहेंगे। दोनों नेता प्रेस कॉंफ्रेंस करने वाले थे, लेकिन खबर ये है कि प्रेस कॉफ्रेंस रद्द कर दी गई है। साथ ही कार्यकर्ताओं और नेताओं से मुलाकात का भी कार्यक्रम है।

चुनाव प्रचार थमने के बाद पार्टी के बड़े नेताओं, स्टार प्रचारकों को जिला छोड़ देना होगा। जिनका नाम स्थानीय मतदाता सूची में है, केवल उन्हीं को रहने की अनुमति होगी। इसका उल्लंघन करने वाले पार्टी नेताओं के खिलाफ कार्रवाई होगी। उम्मीदवार डोर टू डोर प्रचार कर सकेंगे, लेकिन संख्या चार से ज्यादा नहीं होगी। आखिरी दौर में सभी पार्टियों ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है।
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