यूपी के 35वें और बनारस में चौथे विश्वविद्यालय बनने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। उदय प्रताप कॉलेज विश्वविद्यालय राज्य सरकार ने जिला मजिस्ट्रेट से यूपी कॉलेज की प्रॉपर्टी की पूरी वैल्यू मांगी है। प्रशासन के पत्र पर सदर एसडीएम के नेतृत्व में राजस्व की टीम गठित करके मूल्यों का आकलन किया जा रहा है।
116 वर्ष पुराना यह कॉलेज 100 एकड़ से ज्यादा के क्षेत्र में फैला हुआ है। यहां पर कॉलेज की जमीन का वास्तविक मूल्य, भवनों, सड़कों, ग्राउंड, प्ले ग्राउंड, कोर्ट्स, हॉस्टल, स्वास्थ्य केंद्र, फॉर्म हाउस, पार्क, मंदिर और अन्य स्थानों की जानकारियां सरकार की ओर से मांगी गई है।
बुधवार को यूपी कॉलेज के प्राचार्य कार्यालय में भी इस आदेश को लेकर कागजों को समेटने की तैयारियां की गईं। अलग-अलग विभागों के अध्यक्ष भी बैठक कर वास्तविक मूल्यों का आकलन कर रहे हैं। पिछले महीने प्रदेश के उच्च शिक्षा प्रमुख सचिव एमपी अग्रवाल ने कॉलेज का बारीकी से निरीक्षण कर नक्शे की जांच की थी। सभी नक्शे अपने साथ लेकर गए थे।
शुरू होंगी कई नई सुविधाएं : प्राचार्य
प्रो. धर्मेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालय बनाने से पहले जितनी भी औपचारिकताएं हैं, उनको पूरा किया जा रहा है। ये काम काफी तेजी से हो रहा है। राज्य सरकार की ओर से कॉलेज के प्रॉपर्टी का पूरा मूल्य ज्ञात करने के बाद व्यवस्थाओं और सुविधाओं का भी जायजा लिया जाएगा। इसके बाद कई नई सुविधाएं भी शुरू की जा सकती हैं। राज्य विवि का दर्जा मिलने के बाद मेडिकल और लॉ कॉलेज भी खुलेंगे। प्रोफेशनल कोर्स संचालित किए जाएंगे। स्नातक, परा स्नातक और पीएचडी सीटों की संख्या भी बढ़ेगी।