विवाद के दौरान आरोपित मंजीत चौहान और अनुज सिंह ने कथित तौर पर जान से मारने की नीयत से सूर्यप्रताप सिंह पर गोली चला दी। गोली लगने से वह गंभीर रूप से घायल हो गया। मौके पर मौजूद अन्य छात्रों ने उसे तत्काल अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद परिसर में हड़कंप मच गया था और पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए मामले की जांच शुरू की।
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी मंजीत चौहान को गिरफ्तार कर लिया था। बताया गया कि गिरफ्तारी के दौरान आरोपी ने भागने का प्रयास किया, जिसमें उसके पैर में गंभीर चोट लग गई। इसके बाद उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
जेल में रहने के दौरान आरोपी को पैर में दर्द और सूजन की शिकायत बनी रही। उचित इलाज और एक्स-रे न होने पर आरोपी ने अदालत में प्रार्थना पत्र देकर चिकित्सीय सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की। मामले की सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने जेल प्रशासन को निर्देशित किया कि आरोपी का शीघ्र एक्स-रे कराया जाए और आवश्यकतानुसार उसका उपचार सुनिश्चित किया जाए।