फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

UP By-Election Counting Malhani: निर्दलीय उम्मीदवार धनंजय सबसे आगे, जानें इनके बारे में

Tue, 10 Nov 2020 01:30 PM IST
गीतार्जुन गौतम अमर उजाला नेटवर्क, जौनपुर
विज्ञापन
निर्दलीय उम्मीदवार धनंजय सिंह। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

जौनपुर जिले की मल्हनी विधान सभा सीट से निर्दलीय प्रत्याशी धनंजय सिंह 10वें राउंड में सबसे आगे चल रहे हैं। दूसरे नंबर पर सपा के लकी यादव हैं, जो काफी पीछे हैं। इस सीट पर 16 उम्मीदवार लड़ रहे हैं। भाजपा के मनोज सिंह, सपा के लकी यादव, बसपा से जयप्रकाश दुबे, कांग्रेस से राकेश मिश्र और निर्दलीय उम्मीदवार धनंजय सिंह प्रमुख हैं।

विज्ञापन

10वें राउंड में धनंजय सिंह सपा के लकी यादव से 4222 वोटों से आगे चल रहे हैं। धनंजय सिंह को 28343 वोट मिले हैं, तो वहीं लकी यादव को 24121 मत मिले हैं। नौंवे राउंड में धनंजय सिंह, सपा से 6503 वोटों से आगे थे। हालांकि धीरे-धीरे वोटों का अंतर भी घटने लगा है। आठवें राउंड में यह अंतर 7406 का था और सातवें में 7948 वोटों का था। 10वें राउंड में भाजपा को 10166, बसपा को 8708 और कांग्रेस को 981 मत मिले हैं।


धनंजय सिंह का जन्म बंसफा गांव में 20 अक्टूबर 1972 में हुआ था। छात्र राजनीति में सक्रिय धनंजय सिंह ने राजनीतिक पारी की शुरुआत 2002 से शुरू की थी। धनंजय सिंह यहां सो दो बार रारी विधायक रह चुके हैं। वर्ष 2012 से अस्तित्व में आया मल्हनी विधानसभा क्षेत्र पहले रारी के नाम से जाना जाता था। पहली बार 2002 में भी वह निर्दलीय ही चुनाव जीते थे। वर्ष 2007 में जदयू के टिकट पर चुनाव लड़ा और फिर से जीत दर्ज की थी।

विज्ञापन

यहां उन्होंने समाजवादी पार्टी के लाल बहादुर यादव को हराया था। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने से वर्ष 2009 में जौनपुर सदर सीट से लोकसभा चुनाव लड़े और भारी मतों से जीत दर्ज की थी। वर्ष 2009 के उपचुनाव में पिता राजदेव सिंह रारी विधानसभा सीट से बसपा से निर्वाचित हुए।

सीट बंटवारे को लेकर मनमुटाव के चलते बसपा ने धनंजय को पार्टी से निकाल दिया, बाद में जेल भी भेज दिया। जेल में रहते हुए वर्ष 2012 में इन्होंने अपनी पत्नी डॉ. जागृति सिंह को मल्हनी विधानसभा से निर्दलीय चुनाव लड़वाया, लेकिन उनकी पत्नी चुनाव हार गईं। 2017 में भाजपा लहर में निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में धनंजय सिंह भी चुनाव जीत नहीं सके।
विज्ञापन

सपा का गढ़ रही है मल्हनी सीट
वर्ष 2012 से अस्तित्व में आने के बाद मल्हनी विधान सभा क्षेत्र सपा का गढ़ रहा है। पारसनाथ यादव के बेटे लकी यादव अब अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। यहां अब तक हुए चुनावों में सबसे बड़ी जीत का रिकार्ड सपा के पारसनाथ यादव के नाम पर है। वहीं सबसे कम अंतर से चुनाव जीतने वाले राजबहादुर हैं।

सिकरारा, बक्शा और करंजाकला ब्लाक के अधिसंख्य और सिरकोनी ब्लॉक के कुछ हिस्सों को मिलाकर मल्हनी (पहले रारी) विधानसभा क्षेत्र का गठन हुआ है। वर्ष 2012 में मल्हनी सीट पर हुए पहले चुनाव में सपा के पारसनाथ यादव ने रिकार्ड 81602 वोट पाकर निर्दल उम्मीदवार डॉ. जागृति सिंह को 31502 वोटों के अंतर से हराया था। डॉ. जागृति को 50100 वोट मिले थे।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें