वकीलों के वेरिफि केशन में वकालतनामा लिए जाने के प्रावधान का बनारस में विरोध शुरू हो गया है। वकीलों ने शुक्रवार को वकीलों ने कचहरी परिसर में इसके खिलाफ नारेबाजी करते हुए जुलूस निकाला और यूपी बार कौंसिल के खिलाफ प्रदर्शन किया। हस्ताक्षर अभियान भी चलाया गया।
वकीलों का कहना है की प्लेस ऑफ प्रैक्टिस के वेरिफिकेशन में आल इंडिया बार कौंसिल और माननीय सुप्रीम कोर्ट ने वकालतनामा नहीं दिए जाने की बात कही है। स्थानीय बार कौंसिल सदस्य एवं यूपी बार कौंसिल ने विरोधाभासी बयान जारी कर अपने स्तर पर वकालतनामा दिए जाने का दबाव बनाया है।
वकील वेरिफिकेशन के लिए 100 रुपये लिए जाने का भी विरोध कर रहे हैं। इनका कहना है की इसमें से 20 रुपये स्थानीय बार, 50 रुपया यूपी बार कौंसिल और 30 रुपये आल इंडिया बार कौंसिल आपस में बंदरबांट कर रहे हैं। प्रदर्शन में राघवेंद्र सिंह, धीरेंद्र कुमार, घनश्याम सिंह, अशोक कुमार, विनोद पांडेय, माधव प्रसाद, ब्रजेश दुबे, अश्वनी राय, मनोज राय, नूर फातिमा, श्री निवास मिश्र, उग्रसेन मिश्र, मनीष राय समेत तमाम वकील शामिल रहे।
वकीलों का कहना है सिर्फ प्लेस ऑफ़ प्रैक्टिस का वेरिफिकेशन होना है, जो स्थानीय बार की संस्तुति मात्र से हो जाएगा। बार कौंसिल ने इसके लिए फार्म जमा करने की तिथि 30 मई नियत की है। इसको लेकर वकालतनामा की नक़ल लेने को लेकर नक़ल विभाग में वकीलों का हुजूम उमड़ पड़ा है।
इसमें किसी के वकालतनामा पर कोई हस्ताक्षर कर अधिवक्ता नक़ल देने का दबाव बनाए हुए हैं। इसके मद्देनजर बार कौंसिल सदस्य ने समय की कमी को देखते हुए जिला जज से हाई कोर्ट से अनुमति लेकर अवकाश के दिन 29 मई को भी नकल विभाग खुलवाने का अनुरोध किया गया है।