उत्तर प्रदेश में महापुरुषों की मूर्तियों के साथ छेड़खानी करने के मामले रुकने का नाम नहीं ले रहे। ताजा मामला चंदौली का है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के चंदौली में आगमन और विकास कार्यों की समीक्षा के पूर्व पीडीडीयू नगर के सेंट्रल कालोनी स्थित शास्त्री जन्म स्थली में स्थापित शास्त्री जी की प्रतिमा के चेहरे पर किसी ने मिट्टी पोत दी। सूचना मिलते ही पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री जन्म स्थली सेवा न्यास के सदस्यों ने मूर्ति की धुलाई की। पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री का जन्म नगर के सेंट्रल कालोनी में हुआ था।
पिछले डेढ़ दशक से पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री जन्म स्थली सेवा न्यास के सदस्य जन्म स्थली का विकास कराने और नगर व रेलवे स्टेशन का नाम शास्त्री के नाम पर रखने की मांग कर रहे हैं। मुगलसराय का नाम बदल कर पीडीडीयू नगर किया गया उस समय भी न्यास के सदस्यों ने धरना प्रदर्शन कर विरोध जताया था।
यही नहीं बुधवार को पत्र भेजकर मुख्यमंत्री से चंदौली आगमन पर शास्त्री जन्म स्थली पर आने और यहां के विकास की मांग की थी। गुरुवार को मुख्यमंत्री के आगमन की तैयारी चल रही थी। इसी बीच आधी रात के बाद किसी ने शास्त्री जी की प्रतिमा के चेहरे पर मिट्टी पोत दी। सुबह छह बजे लोग शास्त्री पार्क में पहुंचे और शास्त्री जी का चेहरा पुता देखा तो शोर मचाया।
बाद में न्यास के सदस्यों ने पानी से मूर्ति को नहलाया और मिट्टी साफ की और माहौल बिगड़ने से बचाया। इस संबंध में न्यास के अध्यक्ष कृष्णा गुप्ता ने कहा कि इस तरह किसी महान व्यक्ति की प्रतिमा पर मिट्टी पोतना उनका अपमान है। वह भी ऐसे समय जब मुख्यमंत्री जिले में आ रहे हैं।
ऐसी घिनौनी हरकत करने वालों को कड़ी सजा दिलाने की मांग की। जहां पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की प्रतिमा पर अराजकतत्वों ने गोबर लगा दिया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के चंदौली आगमन से पूर्व कुछ अराजक तत्वों के इस कृत्य से प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया।