यूनिस्को द्वारा जारी किया गया वाराणसी का नया लोगा।
संयुक्त राष्ट्र शैक्षणिक, वैज्ञानिक और सांस्कृतिक संगठन (यूनेस्को) ने दुनिया के क्रिएटिव सिटीज ऑफ म्यूजिक में शामिल वाराणसी का लोगो (प्रतीक चिह्न) जारी किया है। इसके साथ ही वाराणसी दुनिया के उन चुनिंदा शहरों में शामिल हो गया है, जिनका अपना लोगो है।
फ्रांस की राजधानी पेरिस स्थित यूनेस्को में भारतीय राजदूत रुचिरा कंबोज ने मंगलवार को ट्वीट कर इसकी जानकारी दी। बताया कि यूनेस्को के क्रिएटिव सिटीज ऑफ म्यूजिक के रूप में वाराणसी का ताजा लोगो जारी किया है। इसके साथ ही वाराणसी ग्लासगो (स्कॉटलैंड), लिवरपुल (ब्रिटेन) और हैनोवर (जर्मनी) के क्लब में शामिल हो गया है। नए लोगों में वाराणसी की विशिष्टता का पूरा ध्यान रखा गया है। लोगो में बाबा विश्वनाथ का त्रिशूल और डमरू, मंदिर, घाट, संगीत के विभिन्न विधाओं के चिह्न जैसे तबला, हार्मोनियम और सितार को दिखाया गया है। यूनेस्को ने अपनी वेबसाइट पर ऋत्विक सान्याल के ध्रुपद गायन की तस्वीर भी अपलोड की है ।
उल्लेखनीय है कि संयुक्त राष्ट्र की एजेंसी यूनेस्को के क्रिएटिव सिटीज नेटवर्क में 54 देशों के 116 सदस्य देश हैं। इन्हें सात रचनात्मक क्षेत्रों शिल्प, लोककला, डिजाइन, फिल्म, पाक कला, साहित्य, संगीत और मीडिया आर्ट में रखा गया है। वाराणसी को वर्ष 2015 में संगीत के क्षेत्र में क्रिएटिव सिटीज नेटवर्क में शामिल किया गया था। भारत का जयपुर शहर भी क्रि एटिव सिटीज में शामिल है। उसे शिल्प और लोककला के क्षेत्र में जगह मिली है। यूनेस्को इस नेटवर्क के जरिये दुनिया के रचनात्मक शहरों में सहयोग बढ़ाना चाहता है।