अल्लोपुर में लहरा रहे जय गुरुदेव के झंडे।
अनुमति न मिलने के बाद शनिवार को भी जयगुरुदेव के दूसरे धड़े बाबा उमाकांत के रूहानी काफिले के स्वागत के इंतजार में अल्लोपुर में बैनर-पोस्टर लहराते नजर आए। आयोजकों ने रजवाड़ी में काफिले के ठहराव के लिए उच्चाधिकारियों से फोन पर बात कर अंतिम प्रयास किया लेकिन प्रशासन ने हाथ खड़े कर दिए। बलिया से रविवार को बाबा का लंबा काफिला निकलेगा। वाराणसी प्रशासन का रुख देखते हुए आयोजकों ने देर शाम अपनी रणनीति में बदलाव शुरू कर दिया। सूत्रों के अनुसार अब बाबा उमाकांत के काफिले के अंबेडकर नगर में ठहराव की तैयारी की जा रही है, ताकि बाबा इलाहाबाद में सत्संग से पहले एक रात गुजार सकें।
बाबा उमाकांत तिवारी बलिया में सत्संग के बाद 23 अक्तूबर की सुबह काफिले के साथ इलाहाबाद के लिए निकलेंगे। अल्लोपुर में प्रस्तावित सत्संग कार्यक्रम निरस्त होने के बाद उनके 814 चार पहिया वाहनों के काफिले के स्वागत के लिए अनुयायी रजवाड़ी में ठहराव की अनुमति चाह रहे थे। इसके लिए उच्चाधिकारियों से शनिवार को फोन पर आयोजक मंडल के सदस्यों ने संपर्क साधा लेकिन नाकामी हाथ लगी। खुफिया सूत्रों का कहना है कि 24 अक्तूबर को डीरेका में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम को देखते हुए प्रशासन किसी तरह का जोखिम नहीं उठाना चाहता। इसलिए अफसरों ने बाबा के काफिले के वाराणसी में प्रवेश को लेकर हाथ खड़े कर दिए हैं।
सह आयोजक महेंद्र यादव ने फोन पर बताया कि अब जिले में कहीं भी सत्संग और ठहराव नहीं होगा। इससे अनुयायियों में मायूसी छा गई है। हालांकि अभी भी अल्लोपुर में जयगुरुदेव के अनुयायियों के पोस्टर-बैनर सड़कों के किनारे और पेड़ों की डालियों पर लहराते दिख रहे हैं। बाबा सुबह छह बजे बलिया से इलाहाबाद के लिए प्रस्थान करेंगे। उनका काफिला अब मऊ से होकर अंबेडकर नगर के लिए कूच करेगा। अंबेडकरनगर में ही रात गुजारने की तैयारी की जा रही है।