राजघाट से रामनगर के बीच बनाई गई सात किमी लंबी कछुआ सेंक्चुअरी काशी से शिफ्ट की जाएगी। केंद्र सरकार ने गंगा पार कछुआ सेंक्चुअरी को अवैध मान लिया है। यह जानकारी शनिवार की दोपहर केंद्रीय जल संसाधन एवं गंगा पुनरुद्धार मंत्री उमा भारती ने पत्रकारों को दी।
उन्होंने बताया कि सेंक्चुअरी को शूलटंकेश्वर या इससे लगे तटीय इलाके में ही शिफ्ट कराया जाएगा। सेंक्चुअरी के चलते लगे प्रतिबंधों से बनारस में अटके पड़े गंगा किनारे के कई प्रोजेक्ट पर काम शुरू हो जाएगा। उन्होंने कहा कि अस्सी-नगवा के बीच जल्द ही आधुनिक रिवर फ्रंट बनाया जाएगा।
आदि केशव घाट से अस्सी घाट तक निरीक्षण के बाद पत्रकारों से बातचीत में उमा भारती ने बताया कि कछुआ सेंक्चुअरी अवैध पाई गई है। केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय ने इसका डी-मॉडिफिकेशन करने का काम शुरू कर दिया है।
उन्होंने कहा कि अब तक के सर्वेक्षण और अध्ययन से पता चला है कि कछुआ सेंक्चुअरी पूरे बनारस को संकट में डाल सकती है। इसे खत्म करने के लिए हम पिछले तीन साल से प्रयास कर रहे थे। पिछली राज्य सरकार के साथ सामंजस्य नहीं बन पाने की वजह से ऐसा संभव नहीं हो सका।
अब यह तय हुआ है कि हम अब इस कछुआ सेंचुरी को शिफ्ट करेंगे। उन्होंने कहा कि कछुआ सेंक्चुअरी जिस मकसद से बनाई गई थी, वह पूरा नहीं हो सका। अलबत्ता इससे घाटों को नुकसान हो रहा है। हम इससे बड़ी कछुआ सेंक्चुअरी के लिए स्थान चिह्नित करेंगे।
गंगा के जलदोहन की प्रणाली बदलेंगे : उमा भारती
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- फोटो : अमर उजाला
गंगा के किनारे ग्राम पंचायतों कि जो जमीनें पड़ी हैं उसे लेकर बड़ी कछुआ सेंक्चुअरी बनाने की योजना है। हम इसे रद्द नहीं कर रहे, बेहतर जगह शिफ्ट कर रहे हैं। उमा भारती ने बताया कि अस्सी और नगवा के बीच आधुनिक रिवर फ्रंट बनाए जाने की योजना है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का निर्मल गंगा-अविरल गंगा का वायदा पूरा होगा। अब तक जो नुकसान हुआ है उसकी भरपाई की जाएगी। गंगा पुनरुद्धार मंत्री ने कहा कि वन्य जीव प्रभाग की रिपोर्ट में गंगा में मछलियों और डाल्फिन की संख्या में बढ़ोतरी की जानकारी मिली है।
केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने बताया कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में गंगा की दशा सुधरी है। गंगा के लिए शीघ्र एक्ट भी आ रहा है। जस्टिस मालवीय की कमेटी ने एक्ट का ड्राफ्ट बना कर दे दिया है जो मंत्रालय में विचाराधीन है। गंगोत्री से गंगा सागर तक घरेलू सीवेज और कारखानों के कचरे को रोकने की तैयारी शुरू हो गई है।
यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ से हमने कानपुर की लेदर इंडस्ट्रीज शिफ्ट कराने के लिए वार्ता की है। हम पांच जून तक उसे भी शिफ्ट करने का फैसला ले सकते हैं। गंगा में पानी की कमी पर उमा भारती ने कहा कि हमें सिंचाई के लिए नहरों के जरिए जल दोहन की प्रणाली को बदलना होगा।
नए तरीके से 40 प्रतिशत पानी बचाया जा सकता है। नरौरा, भीमगौड़ा बैराज से हथिनी कुंड से निकालने वाले पानी को बचाया जाना ही लंबी अवधि तक गंगा के प्रवाह का समाधान है।