राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद की अध्यक्ष डॉ. सतवीर बेदी ने कहा कि अभी चार वर्षीय बीएड के पाठ्यक्रम पर विचार किया जा रहा है। इसका मतलब यह नहीं है कि दो वर्षीय बीएड को बंद कर दिया जाएगा। अभी सारे तथ्यों पर विचार किया जा रहा है। वह बृहस्पतिवार को महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के शिक्षा संकाय में 21 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला के समापन समारोह को संबोधित कर रही थीं।
उन्होंने कहा कि शैक्षिक नेतृत्व के विकास का कार्य शिक्षण प्रशिक्षण संस्थानों को करना होगा। दुनिया की निगाहें भारत की तरफ देख रहीं हैं, ऐसे में वैश्विक संदर्भों को ध्यान में रखते हुए शैक्षिक नेतृत्व का विकास किया जाना चाहिए।
शिक्षा के नए आयाम हमें शोध के माध्यम से खोजने होंगे। केवल 200 पेज का शोध प्रबंध लिखने वाले को जरूरी नहीं है कि पीएचडी की उपाधि मिले। आवश्यक है कि शोध के माध्यम से ज्ञान को कितना आगे बढ़ाया गया है।
अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रो. टीएन सिंह ने कहा कि शिक्षक को सरकार और समाज दोनों से गौरव प्राप्त है। इस दौरान प्रो. गोपाल प्रसाद नायक, डॉ. राखी देव, डॉ. वीणा वादिनी आर्यल, डॉ. विनोद सिंह, डॉ. चंद्रशेखर सिंह, डॉ. रामप्रकाश यादव, डॉ. सुरेंद्र राम, डॉ. आलोक द्विवेदी, डॉ. राजेंद्र यादव, डॉ. जिनेश कुमार, डॉ. दीपिक सिंह मौजूद रहे।