सूबे के जिलों के कुल थानों में से दो-तिहाई (यानी 70 फीसदी) पर अब इंस्पेक्टर ही बतौर थाना प्रभारी तैनात किए जाएंगे। पुलिस महानिदेशक की ओर से यह फरमान जारी होते ही डीआईजी रेंज वाराणसी ने अपने मातहत चार जिलों वाराणसी, चंदौली, जौनपुर और गाजीपुर के पुलिस अधीक्षक को यह निर्देश जारी किया है।
यदि इंस्पेक्टर की जगह सब इंस्पेक्टर बतौर थाना प्रभारी तैनात किए जाएंगे तो संबंधित पुलिस अधीक्षक को इसकी इजाजत डीआईजी से लेनी होगी और कारण बताना होगा कि यह निर्णय उन्होंने किन परिस्थितियों में लिया है।
अखिलेश यादव की सरकार ने जब दरोगाओं को इंस्पेक्टर के तौर पर प्रोन्नत करने का आदेश दिया था तो यह व्यवस्था बनाई गई थी कि सभी जिलों के दो तिहाई थानों पर निरीक्षक ही थाना प्रभारी होंगे। जबकि शेष एक तिहाई थानों पर थानाध्यक्ष के तौर पर सब इंस्पेक्टर तैनात किए जाएंगे। यह नियम-कायदा कागजों तक ही सीमित रह गया। इस बीच सूबे के नए डीजीपी के तौर पर तैनात होते ही जावीद अहमद ने एक बार फिर पुराने आदेश को प्रभावी तरीके से लागू करने की बात कही है।