जाठी गांव में पोखरे में मृत पड़े मिले मनीष ओझा की पोस्टमार्टम रिपोर्ट लेकर फूलपुर थाना के दो सिपाही रविवार शाम से ही गायब हैं। थानाध्यक्ष फूलपुर और क्षेत्राधिकारी बड़ागांव ने दोनों को कई बार फोन किया लेकिन वे रात 10 बजे तक थाने नहीं पहुंच सका। जब सीओ पिंडरा का धैर्य जवाब दे गया तो उन्होंने इसे दोनों सिपाही की घोर लापरवाही मानी और कार्रवाई के लिए एसएसपी को पत्र भेजने की बात कही। वहीं, सोमवार को पोस्टमार्टम रिपोर्ट लेने फूलपुर थाने पहुंचे मनीष के पिता लक्ष्मण ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए और खासी नाराजगी जताई।
फूलपुर थाना क्षेत्र के जाठी गांव में 24 नवंबर को आयोजित वैवाहिक कार्यक्रम में महावीर मंदिर अर्दली बाजार क्षेत्र का मनीष ओझा भी अपने दोस्त गौरव के कहने पर शामिल होने आया था। 25 नवंबर की सुबह से उसका पता नहीं लगा। परिवारीजनों ने खोजबीन शुरू की तो 26 नवंबर को मनीष का शव जाठी गांव स्थित एक पोखरे से बरामद हुआ। गले में सुराख और बह रहे खून को देखकर पिता लक्ष्मण ने गोली मारकर मनीष की हत्या किए जाने का आरोप लगाया। 28 नवंबर को मनीष के शव का बीएचयू में पोस्टमार्टम हुआ। थानाध्यक्ष बड़ागांव को साथ गए सिपाहियों ने बताया कि मनीष के गले पर गोली मारे जाने की पुष्टि हुई है। मगर, दोनों सिपाही पोस्टमार्टम रिपोर्ट लेकर रविवार क्या सोमवार की रात भी थाने तक नहीं पहुंच सके।
क्षेत्राधिकारी पिंडरा एपी सिंह ने बताया कि सिंधौरा पुलिस चौकी के सिपाही संजय चौबे और गिरीशचंद पांडेय पोस्टमार्टम कराने के लिए बीएचयू गए थे। दोनों कहां है, यह स्पष्ट नहीं बता रहे हैं और झूठ बोल रहे हैं। अभी तक दोनों पोस्टमार्टम रिपोर्ट लेकर नहीं लौटे हैं। दोनों के खिलाफ लापरवाही और अनुशासनहीनता के आरोप में कार्रवाई के लिए एसएसपी को संस्तुति की जाएगी।