डीसीपी वरुणा प्रमोद कुमार ने बताया कि एडीसीपी वरुणा नीतू कात्यायन, एसीपी कैंट नितिन तनेजा, कैंट इंस्पेक्टर शिवाकांत मिश्रा की संयुक्त टीम ने छापा मारा। दो विदेशी युवतियों ने खुद को कमरे में बंद कर लिया। पुलिस ने बाहर से उन्हें समझाया, लेकिन युवतियों ने दरवाजा नहीं खोला।
पुलिस ने जब दरवाजे का लॉक तोड़ा तो कमरे में कोई नहीं था। खिड़की खुली मिली, जिसका रास्ता एक मकान से होकर जाता है। युवतियां इसी रास्ते से भाग निकलीं। होटल के अलग-अलग कमरों से चार अन्य युवतियां मिलीं। पूछताछ में तीन पश्चिम बंगाल और एक दिल्ली की रहने वाली निकली।
देव दीपावली तक होटल में ठहरना था
हिरासत में ली गईं युवतियों ने पुलिस को बताया कि वह एजेंट के माध्यम से वाराणसी पहुंची थीं। होटल की चारपहिया ने कैंट स्टेशन से होटल पहुंचाया। देव दीपावली तक होटल में ही ठहरना था। युवतियों ने बताया कि दो नवंबर को कुछ विदेशी युवतियां आने वाली थीं। फॉरेंसिक टीम ने भी होटल में जांच की। रशियन युवतियों के कमरे से मिले साक्ष्य के आधार पर उनकी पहचान और वीजा संबंधी जानकारियां जुटाई जा रही हैं।