घटना की गंभीरता को देखते हुए एडीएम सिटी आलोक वर्मा, एसीपी भेलूपुर अतुल अंजान त्रिपाठी, थाना प्रभारी भरत उपाध्याय मौके पर पहुंचे। प्रदर्शनकारियों को समझा बुझाकर जाम समाप्त कर रामनगर थाने बुलाया गया। जहां दो घंटे पंचायत हुई। इसमें मृतकों के आश्रितों को सरकार की ओर से आर्थिक मदद दिलाने का भरोसा दिलाया।
राममूरत की मौत स्वाभाविक: प्रशासन
देर शाम प्रशासन की ओर से प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि राममूरत प्रजापति की अपने घर में स्वाभाविक मौत हुई है। इनके भवन को किसी प्रकार की क्षति नहीं पहुंचाई गई है। पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता केके सिंह के अनुसार इनकी उम्र लगभग 70 वर्ष थी। बीते नौ जनवरी को अपने घर पर स्वभाविक मौत हुई है।
कभी मां तो कभी पिता की अर्थी निहार रहे थे मासूम
सड़क चौड़ीकरण की जद में आए मकान को खाली करने के दौरान लगी चोट से रमेश की मौत हो गई। रमेश के दोनों बेटे कभी बिलख रही मां व दादी को देख रहे थे तो कभी अर्थी पर लेटे पिता को निहार रहे थे। उनको समझ ही नहीं आ रहा था कि यह सब क्या हो गया है। दादा भेरो सेठ को रोता देख उनकी भी आंख नम थी।