एक पैन कार्ड का इस्तेमाल अलग-अलग जनपदों में दो-दो शिक्षकों के अलग-अलग खाता नंबरों के साथ इस्तेमाल करने का प्रकरण सामने आया था। एसआईटी व एसटीएफ की जांच में इस फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ था। इसमें जिले के ऐसे 28 शिक्षक चिह्नित हुए थे, जिसमें पांच शिक्षकों के फर्जी होने की पुष्टि होने पर बर्खास्तगी हो चुकी है। दो और ऐसे शिक्षक चिह्नित होने पर प्रभारी बीएसए ने मंगलवार को नियुक्ति तिथि से इनकी सेवा समाप्त कर दी और खंड शिक्षाधिकारियों को वेतन की रिकवरी का आदेश दिया।
बेसिक शिक्षा विभाग में शिक्षकों की नियुक्ति में लगातार फर्जीवाड़ा सामने आ रहा है। सरकार इसकी जांच एसआईटी व एसटीएफ से करा रही है। जांच के दौरान एक ही पैन कार्ड पर दो-दो शिक्षक वेतन लेते पकड़े गए।
पूरे प्रदेश में ऐसे 192 शिक्षक चिह्नित हुए थे। इसमें 28 शिक्षक जिले के भी शामिल थे।
एसआईटी ने सूची तैयार कर बेसिक शिक्षा निदेशालय को उपलब्ध कराया और फिर निदेशालय से सूची जिलों को उपलब्ध करा दी गई। इस फर्जीवाड़े में जिले के 28 शिक्षक चिह्नित हुए थे। बेसिक शिक्षा विभाग ने इनको नोटिस जारी कर सत्यापन के लिए बुलाया था। 28 में से कुल सात शिक्षकों ने सत्यापन नहीं कराया। इन्हें दो बार नोटिस भेजागया। अंतिम नोटिस 17 जुलाई को भेजा गया था।
इसमें सात दिनों के अंदर मूल अभिलेखों के साथ कार्यालय पहुंच कर सत्यापन का निर्देश दिया गया था। इसके बाद भी इन सात शिक्षकों ने सत्यापन नहीं कराया। इस पर बीएसए ने 27 जुलाई को इन पांच शिक्षकों की नियुक्ति तिथि से सेवा समाप्त करने का आदेश जारी करने के साथ ही संबंधित खंड शिक्षाधिकारियों को रिकवरी का आदेश भी जारी कर दिया।
दो अन्य शिक्षकों पर मंगलवार को प्रभारी बीएसए ने कार्रवाई की और दोनों की नियुक्ति तिथि से सेवा समाप्त करते हुए रिकवरी का आदेश किया। सेवा समाप्त किए गए शिक्षकों में जय शिव प्रताप चंद हरैया ब्लाक के प्रावि शानूपुर पर तैनात थे और सर्विस बुक में अपना पता सल्लाहपुर देवरिया बताया था। वहीं दूसरे बर्खास्त शिक्षक अनिल कुमार अतरौलिया ब्लाक के प्रावि सिकरौरा पर तैनात थे।