सम्मेलन से परिणाम निकालें
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि देश में अब तक ऐसे 12 सम्मेलन हो चुके हैं। ये सम्मेलन सिर्फ भाषणबाजी तक ही सिमट कर न रह जाएं। सम्मेलन से अच्छे परिणाम निकालें। तीन दिनों के मंथन को सार्थक दिशा में ले जाएं ताकि किसानों तक सस्ते और गुणवत्तायुक्त बीज पहुंच सकें।
तराई क्षेत्र में रोपी जाती है हर्दीनाथ धान
नेपाल के तराई क्षेत्र में हर्दीनाथ धान सफल है। ये काफी टिकाऊ है। इसका उत्पादन अच्छा होता है। वहां पर इरी ने विभिन्न क्षेत्रों के हिसाब से अब तक 100 से अधिक धान की वैराइटी विकसित की है। इसका किसान लाभ उठा रहे हैं। यह कहना है नेपाल इरी शाखा के शोधकर्ता प्रेम भट्ट का। उन्होंने बताया कि वहां निचले, सूखा क्षेत्र के लिए अलग-अलग वेराइटियां तैयार की गई हैं। उगंगा सागर, सूखा सीरिज, हर्दीनाथ आदि चर्चित वेराइटी हैं, जो वहां काफी सफल हैं। बताया कि नेपाल की शाखा में तीन हजार जीन बैंक है।
बीज क्षेत्र में भारत की भूमिका पर दिया जोर
राष्ट्रीय बीज सम्मेलन के पहले दिन तीन सत्र चले। इसमें देश-विदेश के बीज विशेषज्ञों, बीज निर्माताओं, कृषि विश्वविद्यालयों के शोधकर्ताओं ने बीज उत्पादन पर चर्चा की। वैश्विक बीज क्षेत्र में भारत की भूमिका: अवसर और अपेक्षाएं, उभरती बीज प्रौद्योगिकी, गुणवत्ता आश्वासन और नियामक मानक और सार्वजनिक-निजी भागीदारी के माध्यम से बीज क्षेत्र को मजबूत बनाने पर विमर्श हुआ। उन्होंने विकासशील देशों के बीच साझेदारी और बीज प्रौद्योगिकी में नवाचार की संभावनाओं पर जोर दिया। कृषि विभाग की अतिरिक्त सचिव की अध्यक्ष शुभा ठाकुर ने अध्यक्षता की।