घटनास्थल पर पहुंची पुलिस
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इसी बीच बैग लिए हुए नकाबपोश दो बदमाश घर में घुस गए। दोनों ने सो रही मैत्री को गोद में उठाकर उसके गले से चाकू सटा दिया। फिर, 10 लाख रुपये की मांग की और पैसा न देने पर मैत्री को जान से मारने की धमकी दी। घबराए भाईलाल शोर मचाते हुए कमरे से बाहर भागे और दरवाजा बंद कर पुलिस को सूचना दिए। मासूम मैत्री रोने लगी तो उसकी शिक्षिका मां सोनी मकान के प्रथम तल से नीचे आई। सोनी ने बदमाशों से बेटी को खाना खिलाने की विनती की तो बदमाशों ने उन्हें भी घर के अंदर करके एक अन्य कमरे में मैत्री के साथ बंधक बना लिया। इसके बाद बदमाशों ने रुपये के साथ ही शहर से बाहर जाने के लिए वाहन की मांग की।
इसकी सूचना मिलते ही पुलिस महकमा सांसत में आ गया। एसीपी कैंट डॉ. अतुल अंजान त्रिपाठी व शिवपुर थानाध्यक्ष वैद्यनाथ सिंह अन्य थानों की फोर्स के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। कुछ देर में ही पीएसी और पुलिस बल के साथ डीसीपी वरुणा जोन अमित कुमार भी आ गए। इसके साथ ही पूरे इलाके को सील कर दिया गया।
एसीपी कैंट रिटायर्ड इंजीनियर के परिवार का सदस्य बनकर घर के अंदर गए। बदमाशों से बात की और उनकी नियत भांप कर बाहर आ गए। पुलिस के मुताबिक बदमाश बच्ची को मौत के घाट उतार सकते थे, इसलिए सावधानी जरूरी थी। दोबारा बातचीत के क्रम में ही लगभग 3:40 बजे दोनों बदमाशों को पुलिस ने दबोच कर मां और बेटी को उनके चंगुल से मुक्त करा लिया। पुलिस आयुक्त मुथा अशोक जैन ने मां-बेटी को सकुशल बचा कर दो बदमाशों को गिरफ्तार करने वाले शिवपुर थानाध्यक्ष वैद्यनाथ सिंह और एसओजी प्रभारी सुनील कुमार सिंह व उनकी टीम को 50 हजार रुपये का नगद इनाम देने की घोषणा की।
पुलिस आयुक्त मुथा अशोक जैन ने कहा कि हमारी फोर्स और खासतौर से एसीपी कैंट ने बेहद ही पेशेवर तरीके से इस ऑपरेशन को सफलतापूर्वक अंजाम दिया। मां-बेटी पूरी तरह से सुरक्षित हैं। दोनों बदमाश गिरफ्तार कर लिए गए हैं। ऑपरेशन में शामिल पुलिस कर्मी बधाई के पात्र हैं।