Varanasi News: वाराणसी जिले में अदालत ने मानव तस्करी में दोषी पाए जाने पर दो लोगों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। अदालत ने दोनों पर 15-15 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया।
फास्ट ट्रैक कोर्ट (प्रथम) न्यायाधीश कुलदीप सिंह की अदालत ने सोमवार को मानव तस्करी में झारखंड के कोडरमा निवासी कुलदीप पासवान व पश्चिम बंगाल के 24 परगना निवासी नंदलाल राम को दोषी पाया और उम्रकैद की सजा सुनाई। अदालत ने दोनों पर 15-15 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया।
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अदालत ने पांच दिसंबर को दोनों को दोषी करार दिया था। सजा के बिंदु पर सुनवाई के लिए आठ दिसंबर की तिथि तय की गई थी। सोमवार को अंतिम बहस सुनने के बाद कोर्ट ने फैसला सुनाया। अदालत ने जगबीर बरनवाल, संतोष साव, अनुराधा देवी, गुड़िया, संगीता देवी, मनीष जैन, संतोष गुप्ता और शिखा देवी को पर्याप्त साक्ष्य ना मिलने पर दोषमुक्त कर दिया।
अभियोजन के अनुसार, राजघाट निवासी पिंकी, कटिंग मेमोरियल मांटेसरी स्कूल के पास अपने घर में एक साल के बच्चे के साथ सोई थी। 29 अप्रैल 2023 की रात दो बजे बच्चा चोरी हो गया। विवेचना के दौरान नाम सामने आने पर पुलिस ने 19 जुलाई 2023 को कोडरमा से कमलेश पासवान को गिरफ्तार किया।
पूछताछ में उसने बताया कि कोडरमा की अनुराधा देवी ने उसके माध्यम से बच्चे को पश्चिम बंगाल निवासी नंदलाल राम को बेचा। पुलिस 20 जुलाई 2023 को कुलदीप पासवान को लेकर नंदलाल राम के ठिकाने पर पहुंची, जहां से बच्चे को सकुशल बरामद कर नंदलाल राम को गिरफ्तार किया गया।