रामआसरे की तीन संतानों में एक बेटी और दो बेटे थे। मां सुनीता व बहन शिवांगी का रो-रो कर बुरा हाल था। बच्चों के पिता राम आसरे रोजी रोटी के लिए परदेश में हैं।
पुलिस ने पंचनामा कर शव परिजनों को सौंप दिया। बेटों की मौत पर विलाप कर रही मां कभी इस बेटे के शव से लिपटती तो कभी उस बेटे के शव से। मां और बहन का विलाप देख लोगों की आंखें डबडबा गईं।