फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

UP Crime News: सिविल कोर्ट स्टाफ भर्ती परीक्षा में दूसरे की जगह दे रहा था पेपर, सॉल्वर सहित दो गिरफ्तार

Sun, 05 Jan 2025 11:32 AM IST
अमन विश्वकर्मा अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

Varanasi News : उत्तर प्रदेश सिविल कोर्ट स्टाफ केंद्रीयकृत भर्ती परीक्षा 2024-25 बीएचयू में चल रही थी। इसी दाैरान एक साॅल्वर को पकड़ा गया है। वह दूसरे के स्थान पर परीक्षा दे रहा था।
विज्ञापन
बीएचयू में चल रही थी परीक्षा। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

उत्तर प्रदेश सिविल कोर्ट स्टाफ केंद्रीयकृत भर्ती परीक्षा 2024-25 में बीएचयू स्थित केंद्रीय विद्यालय से एक सॉल्वर और उसे लेकर आया युवक पकड़ा गया। सॉल्वर की पहचान झारखंड के गिरिडीह जिले के तिसरी निवासी सौरभ कुमार के रूप में हुई है। सॉल्वर को लेकर आए उसके साथी की पहचान बिहार के नालंदा जिले के सिंगारहाट सोरसराय के आशीष रंजन कुमार उर्फ पप्पू के रूप में हुई है। पुलिस को मामले में मूल अभ्यर्थी प्रयागराज के मदन मोहन मालवीय रोड निवासी मनीष कुमार की तलाश है।

विज्ञापन


ये है पूरा मामला
बीएचयू केंद्रीय विद्यालय के प्रिंसिपल और केंद्राध्यक्ष अशोक कुमार सिंह ने पुलिस को बताया कि उनके स्कूल में एनटीए के द्वारा उत्तर प्रदेश सिविल कोर्ट स्टाफ केंद्रीयकृत भर्ती परीक्षा परीक्षा आयोजित की गई थी। शनिवार को दूसरी पाली की परीक्षा में बायोमेट्रिक जांच के दौरान सामने आया कि अभ्यर्थी मनीष कुमार की जगह कोई और परीक्षा दे रहा है। परीक्षा फॉर्म की फोटो से अभ्यर्थी की फोटो का मिलान भी नहीं हो सका। 

परीक्षा दे रहे युवक से कड़ाई से पूछताछ की गई तो उसने अपना नाम सौरभ कुमार बताया। इसकी सूचना लंका थानाध्यक्ष को दी गई। लंका थानाध्यक्ष ने सौरभ की मदद से उसे लेकर परीक्षा दिलाने आए आशीष रंजन कुमार उर्फ पप्पू को स्कूल के बाहर से पकड़ा। दोनों को लंका थाने ले जाकर पुलिस ने लंबी पूछताछ की। इसके साथ ही केंद्रीय विद्यालय, बीएचयू के प्रिंसिपल की तहरीर पर तीनों आरोपियों के खिलाफ लंका थाने में मुकदमा दर्ज किया गया।

विज्ञापन
विज्ञापन

एक लाख रुपये मिला था, एक लाख मिलना शेष था
लंका थानाध्यक्ष शिवाकांत मिश्र के अनुसार पूछताछ में मनीष ने बताया कि पटना का सॉल्वर गैंग उससे संपर्क किया था। परीक्षा देने के लिए उसके खाते में एक लाख रुपये एडवांस दिया गया था। एक लाख रुपये और उसे रिजल्ट आने पर मिलता। सौरभ ने यह भी बताया कि उसे परीक्षा दिलाने आया आशीष रंजन भी सॉल्वर गिरोह से ही जुड़ा है।

लंका थानाध्यक्ष ने कहा कि मूल अभ्यर्थी और इस फर्जीवाड़े में शामिल अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की दो टीम गठित की गई है। पूरी उम्मीद है कि सभी आरोपी जल्द ही पुलिस की गिरफ्त में होंगे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें