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UP: जेप्टो की फ्रेंचाइजी दिलाने के नाम पर 20 लाख से ज्यादा की ठगी, दो गिरफ्तार; झारखंड-बिहार से आरोपी अरेस्ट

Tue, 28 Oct 2025 02:58 PM IST
अमन विश्वकर्मा अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

Varanasi Crime News: वाराणसी कमिश्नरेट की पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। जांच-पड़ताल में आरोपियों के पास से 14 मोबाइल, 2 लैपटॉप, 3 सिमकार्ड, 4 फर्जी दस्तावेज, 2 वाई-फाई राऊटर और 54,500 नकद मिले।
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आरोपियों की जानकारी देती पुलिस। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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जेप्टो की फ्रेंचाइजी दिलाने के नाम पर 20 लाख से ज्यादा की साइबर ठगी के मामले में गिरोह के सरगना समेत दो आरोपियों को साइबर क्राइम पुलिस ने जमशेदपुर और नालंदा बिहार से गिरफ्तार किया। 

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आरोपियों में सरगना झारखंड के जमशेदपुर सिंह भूमि निवासी शांतनु कुमार और बिहार के नेवादा काशीचक लालबीघा निवासी विकास कुमार है। आरोपियों को जेल भेज दिया गया है। डीसीपी क्राइम सरवणन टी. ने सोमवार को पुलिसलाइन सभागार में आरोपियों को मीडिया के सामने पेश किया। बताया कि दो महीने पहले पीड़ित आयुष कुमार से जेप्टो की फ्रेंचाइजी दिलाने के नाम पर 20 लाख से ज्यादा की साइबर ठगी हुई थी। दो टीमों ने इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस व डिजिटल फुट प्रिंट की जांच के बाद मुकदमा दर्ज किया था। 

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पुलिस ने की कार्रवाई

पटना से संचालित साइबर ठगी करने वाले गिरोह के सरगना और अन्य आरोपियों की पहचान हुई। पूछताछ में आरोपियों ने पुलिस को बताया कि बाजार में स्थापित हो ब्रांडेड कंपनियों जेप्टो, ब्लीकिंट, वॉल्मो, अमूल डेयरी, धानी फायनेंस, जूडियो की फर्जी वेबसाइट बनाई जाती है। 

उसका विज्ञापन विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर दिया जाता है। कोई भी व्यक्ति कंपनियों से संबंधित कोई भी कीवर्ड सर्च करता है तो यही वेबसाइट पहले दिखती है। इससे आम आदमी झांसे में आकर डेटा भर देता है। यह डेटा गिरोह के पास वेबसाइट के वेब मेल फीचर से पहुंच जाता है। फिर उन्हें काल कर कंपनी का फर्जी लेटर, रजिस्ट्रेशन फॉर्म, फर्जी इनवायस भेजकर झांसे में फंसा लिया जाता है। 

फिर रजिस्ट्रेशन, सिक्योरिटी मनी के नाम पर ठगी की जाती है। एडीसीपी नीतू ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में शांतनु कुमार ही गिरोह का मास्टरमाइंड है। गिरोह में विकास कुमार और अन्य हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है। 
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जेल जा चुका है विकास
साइबर क्राइम विदुष सक्सेना ने बताया कि विकास कुमार पूर्व में महाराष्ट्र में साइबर ठगी में जेल जा चुका है। रोहनिया थाने में पीड़ित आयुष कुमार ने 13 अगस्त को साइबर धोखाधड़ी की रोहनिया थाने में तहरीर दी थी।

यूपीआई रजिस्ट्रेशन, ओटीपी भेजकर 66 हजार की ठगी
यूपीआई रजिस्ट्रेशन और ओटीपी के बाद साइबर ठगों ने करोमा गांव के प्यारेलाल के बैंक खाते से 66 हजार की ठगी कर ली। पीड़ित ने रविवार रात थाने में केस दर्ज कराया। प्यारेलाल ने पुलिस को बताया कि मोबाइल पर भीम यूपीआई रजिस्ट्रेशन को लेकर मैसेज आया और थोड़ी देर बाद एक ओटीपी आया। दोनों का उपयोग नहीं हुआ। इसके बाद भी खाते से 66 हजार की ठगी हो गई। थाना प्रभारी अतुल कुमार सिंह ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर जांच की जा रही है। 
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