विवेचना के दौरान 26 सितंबर को प्रवीन पाल और उमाशंकर दास को पहले ही कोर्ट ने जेल भेज दिया है। रविप्रकाश और विकास गुप्ता को सर्विलांस लोकेशन के आधार पर गिरफ्तार किया किया। दोनों के मोबाइल फोन बरामद हुए हैं। इन मोबाइलों के व्हाट्सएप चैट की जांच की गई।
पुलिस को फर्जी फर्मों का डेटा मिला है। फर्जी इनवाइस और बोगस बिलिंग के साक्ष्य भी बरामद हुए हैं। ओटीपी, बैंक अकाउंट के लेन-देन और पहचान पत्रों के साक्ष्य भी मिले हैं। गिरोह के अन्य सदस्यों के बारे में भी इनपुट जुटाए जा रहे हैं।