मां सुकुवारी ने पुलिस को दी तहरीर में बताया है कि दोपहर एक बजे बेटे को चंद कदम की दूरी पर स्थित ब्लॉक पीएचसी पर ले जाया गया था, लेकिन उस वक्त वहां डॉक्टर नहीं थे। आधे घंटे बाद डॉक्टर आए तो उसे तत्काल रेफर कर दिए। मेडिकल कॉलेज पहुंचने पर उसे मृत घोषित कर दिया गया।
सुकुवारी के साथ धरने पर बैठे ग्रामीणों का कहना था कि समय पर उपचार मिल गया होता तो उसकी जान बच गई होती। धरने के बाद घटना से नाराज परिवार की कई युवतियां पीएचसी धमक पड़ीं। पीएचसी प्रभारी डॉ. अंकित राज सिंह का कहना है कि डॉक्टर मौके पर उपलब्ध थे। वह वैक्सीनेसन चेक करने के लिए निकले हुए थे। जैसे ही वापस आए वैसे ही स्थिति देख रेफर कर दिया। बावजूद शुक्रवार को गलत तरीके से अस्पताल में हंगामा किया गया।
कुछ कर्मियों के साथ मारपीट की गई और दवाएं फेंकते हुए रजिस्टर व कागजात फाड़े गए। कहा कि शनिवार को इसकी तहरीर पुलिस को सौंपी जाएगी। वहीं प्रभारी निरीक्षक श्रीवानिवास पांडेय का कहना था कि बिजली से मृत हुए युवक के परिवार वालों ने तहरीर दी है। स्थिति से अधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। प्रकरण की जांच कर कार्रवाई की जाएगी।