प्राथमिक विद्यालय चोलापुर प्रथम में तीन शिक्षिकाओं द्वारा एक शिक्षिका को घेरकर पीटने के मामले की जांच करने शनिवार को पहुंचे एबीएसए रामटहल का ग्रामीणों ने घेराव कर दिया। गुस्सा जाहिर करते हुए कहा कि शिक्षिकाएं न तो समय से विद्यालय आतीं और न ठीक से पढ़ातीं। इतना ही नहीं, बच्चों से झाड़ू लगवाती हैं और शौचालय में पानी भरवाती हैं। ऐसी मनमानी से उनके बच्चों का भविष्य खराब हो रहा है। इस पर एबीएसए ने ग्रामीणों को आश्वासन देकर शांत कराया साथ ही मारपीट मामले में शिक्षिकाओं के बयान दर्ज कर किया और घटना के बाबत बच्चों से भी जानकारी ली।
प्राथमिक विद्यालय में शुक्रवार को तीन शिक्षिकाओं रेनू सिंह, परवीन बेगम एवं अर्चना ने साथ में पढ़ाने वाली विमला देवी को विद्यालय परिसर में घेरकर पिटाई कर दी थी, जिससे अफरातफरी मच गई थी। विमला का कसूर सिर्फ इतना था उसने कि इन शिक्षिकाओं के समय से स्कूल न आने और मनमानी करने की शिकायत एबीएसए से कर दी थी। घटना की शिकायत मिलने पर शनिवार को एबीएसए विद्यालय जांच करने पहुंचे तो अभिभावकों ने उनका घेराव कर दिया।
सलमा बेगम, सहीदून बेगम, अलीमून बेगम, गुलफाम, खुशबू, निशा, रिजवाना बेगम, शबनम, रुखसार, मोहम्मद अमर और सायरा बानो आदि ने एबीएसए से शिक्षिकाओं की मनमानी की शिकायत की। कहा कि पढ़ाने की बजाय खुलेआम शिक्षिकाओं की मारपीट और गंदी राजनीति से उनके बच्चों पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है। इस पर एबीएसए ने कार्रवाई का आश्वासन देकर ग्रामीणों को शांत कराया।
वहीं, मारपीट के मामले में एबीएसए ने पीड़ित और आरोपी शिक्षिकाओं से पूछताछ की और उनके बयान दर्ज किए। साथ ही उन्होंने मारपीट की घटना के समय मौजूद रहे बच्चों से अलग से पूछताछ की। दूसरी ओर, पीड़ित शिक्षिका विमला देवी ने दोपहर बाद चोलापुर थाने में मारपीट और मोबाइल तोड़ने की तहरीर दी है।