सुपर रनवे सहित अन्य सुविधाओं के लिए पहले एक योजना बनी थी, इसमें 109 एकड़ जमीन की जरूरत बताई गई थी। इसके बाद यात्री सुविधाओं के साथ विमानों की संख्या बढ़ाने आदि के लिए विस्तारीकरण की दूसरी योजना बनी और करीब 325 एकड़ जमीन के अधिग्रहण की रिपोर्ट भेजी गई। जिला प्रशासन ने 109 एकड़ जमीन के अधिग्रहण के लिए रेट आदि तय करके कुछ महीने पहले शासन को रिपोर्ट भेजी थी, हालांकि इस पर अभी कोई निर्णय नहीं हो पाया है।
वाराणसी एयरपोर्ट की निदेशक से बात करते डीएम कौशलराज शर्मा
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एयरपोर्ट विस्तारीकरण में रनवे की लंबाई बढ़ाए जाने का प्रस्ताव भी है, मगर एयरपोर्ट के पास से गुजर रहे नेशनल हाईवे के चलते भी यह काम धरातल पर नहीं उतर पा रहा है। मगर एनएचआईए ने रनवे के नीचे से टनल बनाकर हाईवे निकालने की योजना बनाई है। यदि इस टनल को बनाने की मंजूरी मिलेगी तो यह देश का पहला अनूठा रनवे होगा, जिसके नीचे से टनल गुजरेगी।
जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने कहा कि एयरपोर्ट अथॉरिटी विस्तारीकरण के लिए नए सिरे प्लान बनाएगी। इसके बाद जमीन अधिग्रहण के लिए सर्वे आदि की प्रक्रिया कराई जाएगी। विस्तारीकरण के लिए एयरपोर्ट अथारिटी और शासन के बीच संवाद चल रहा है। भविष्य के बनारस के आधार पर विस्तारीकरण की योजना बनेगी।
वर्ष 2015 में ही एयरपोर्ट के विस्तारीकरण की योजना बनाई गई थी, मगर तकनीकी कारणों से इस योजना को धरातल पर नहीं उतारा जा सका था। इसके लिए नई एयर टर्मिनल बिल्डिंग सहित कई निर्माण की योजनाएं हैं। शासन में हुई बैठक के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि इस बार विस्तारीकरण योजना पर अमल होगा। इसके साथ ही एयरपोर्ट में रडार के पास खाली पड़ी जमीन पर भी एयरपोर्ट की अत्याधुनिक सुविधाओं के लिए प्रस्ताव बनाया जाएगा।