चालक और क्लीनर कोविड जांच के लिए मंडलीय अस्पताल पहुंचे। दोनों की बोलचाल की शैली, हावभाव और तौर-तरीका देख कर सैंपल लेने वाले एक कर्मचारी को उन पर शंका हुई तो उसने उनसे पूछा कि कहां के रहने वाले हैं। इस पर क्लीनर ने बताया कि वह कश्मीर से आया है और दहशतगर्दी के आरोप में सेंट्रल जेल में बंद अपने भाई से मुलाकात करने के लिए कोविड जांच कराने आया है।
दहशतगर्दी शब्द सुनते ही मंडलीय अस्पताल के कर्मचारी के कान खड़े हो गए। उसने तत्काल दोनों का सैंपल लिया और उनके जाते ही पुलिस अफसरों को सूचना दे दी। उसकी सूचना पर कोतवाली थाने की पुलिस, क्राइम ब्रांच और स्थानीय अभिसूचना इकाई के साथ ही आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) की टीम सक्रिय हुई। आनन-फानन कश्मीर से आए ट्रक के चालक और क्लीनर को खोज कर उनसे पूछताछ शुरू की गई।
पुलिस अफसरों ने बताया कि पूछताछ में सामने आया है कि ट्रक का क्लीनर कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए सेंट्रल जेल में बंद अपने भाई से मुलाकात करने आया था। नाम और पते की तस्दीक होने पर दोनों को छोड़ दिया गया।