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Varanasi: कश्मीर से सेब लेकर आए ट्रक चालक और क्लीनर से इस मामले को लेकर पुलिस ने की पूछताछ

Sat, 10 Jun 2023 12:23 PM IST
वाराणसी ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

कश्मीर से सेब लेकर आए एक ट्रक के ड्राइवर और क्लीनर को पुलिस ने हिरासत में लिया।खुफिया एजेंसियों ने दोनों से पूछताछ की। सबकुछ सही पाए जाने पर दोनों को शनिवार सुबह छोड़ दिया गया। 
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ट्रक
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विस्तार
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वाराणसी के कबीरचौरा स्थित मंडलीय अस्पताल के एक कर्मचारी की सूचना पर शुक्रवार को कश्मीर से सेब लेकर आए एक ट्रक के ड्राइवर और क्लीनर को पुलिस ने हिरासत में लिया। दोनों से पुलिस और खुफिया एजेंसियों ने पूछताछ कर रही है। सब कुछ सही मिलने पर शनिवार सुबह दोनों को छोड़ दिया गया।

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सेंट्रल जेल में कश्मीर के अलगाववादी संगठनों के 42 लोग बंद हैं। उन्हीं में से एक अलगाववादी बंदी का भाई उससे मुलाकात करना चाहता था। आर्थिक स्थिति बहुत अच्छी नहीं होने के कारण वह कश्मीर से वाराणसी आने-जाने के लिए कोई ठोस माध्यम तलाश रहा था। इसी बीच उसे पता लगा कि जिस ट्रक का वह क्लीनर है, वह सेब लेकर वाराणसी की पहड़िया मंडी जा रहा है।

शुक्रवार को ट्रक पहड़िया मंडी स्थित व्यापारी की आढ़त पहुंचा तो क्लीनर ने चालक से कहा कि फल उतरने तक सेंट्रल जेल चल कर भाई से मुलाकात कर ली जाए। चालक और क्लीनर सेंट्रल जेल पहुंचे तो उन्हें कहा गया कि कोविड निगेटिव रिपोर्ट लेकर आएं, तभी बंदी से मुलाकात संभव हो पाएगी।
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हावभाव और तौर-तरीका देख हुई शंका

चालक और क्लीनर कोविड जांच के लिए मंडलीय अस्पताल पहुंचे। दोनों की बोलचाल की शैली, हावभाव और तौर-तरीका देख कर सैंपल लेने वाले एक कर्मचारी को उन पर शंका हुई तो उसने उनसे पूछा कि कहां के रहने वाले हैं। इस पर क्लीनर ने बताया कि वह कश्मीर से आया है और दहशतगर्दी के आरोप में सेंट्रल जेल में बंद अपने भाई से मुलाकात करने के लिए कोविड जांच कराने आया है।

दहशतगर्दी शब्द सुनते ही मंडलीय अस्पताल के कर्मचारी के कान खड़े हो गए। उसने तत्काल दोनों का सैंपल लिया और उनके जाते ही पुलिस अफसरों को सूचना दे दी। उसकी सूचना पर कोतवाली थाने की पुलिस, क्राइम ब्रांच और स्थानीय अभिसूचना इकाई के साथ ही आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) की टीम सक्रिय हुई। आनन-फानन कश्मीर से आए ट्रक के चालक और क्लीनर को खोज कर उनसे पूछताछ शुरू की गई।
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नाम और पते की तस्दीक होने के बाद छोड़ देंगे

पुलिस अफसरों ने बताया कि पूछताछ में सामने आया है कि ट्रक का क्लीनर कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए सेंट्रल जेल में बंद अपने भाई से मुलाकात करने आया था।  नाम और पते की तस्दीक होने पर दोनों को छोड़ दिया गया।
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