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शहर में बिजली-पानी के लिए तरसे लोग

Sat, 01 Oct 2016 01:30 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
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बिजली - फोटो : Bureau
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शहर में शुक्रवार को पूरे दिन बिजली नदारद रहने से हाहाकार मच गया। बिजली की अघोषित कटौती के चलते आम जनजीवन पूरी तरह से अस्त व्यस्त हो गया। न केवल मोबाइल बल्कि इनवर्टर भी डिस्चार्ज हो गए। सुबह और शाम दोनेां ही वक्त शहर में जलापूर्तिप्रभावित रही। बच्चों और बुजुर्गों का हाल बेहाल था। न तो रात को नींद पूरी हो पाई और न ही दोपहर में आराम मिल पाया। बिजली की आवाजाही दिन भर लगी रही। यह समस्या बीते तीन दिनों से यथावत है। लखनऊ कंट्रोल से शुक्रवार को तीन चरणों में 6:30 घंटे और लोकल फाल्ट को मिलाकर 10 से 12 घंटे कटौती रही। पारेषण के अधिकारियों के अनुसार अनपरा, झांसी के पारीछा, बारा, इलाहाबाद और ललितपुर स्थित बिजली उत्पादन इकाइयों के ठप पड़ने से वाराणसी समेत पूर्वांचल के अन्य जिलों में 10 घंटे से अधिक बिजली गुल रही। पूरी तरह से व्यवस्था पटरी पर आनेे में एक सप्ताह लग सकता है।
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चांदपुर, मंडुवाडीह के अलावा मैदागिन, वरुणा पार, पांडेयपुर, कचहरी, लंका, भेलूपुर, करौंदी, डाफी, भिखारीपुर, भेलूपुर, अस्सी, गोदौलिया, बेनियाबाग सहित शहर के अन्य हिस्सों में बिजली-पानी के लिए लोग परेशान होना पड़ा। लंका के रमेश कुमार ने बताया कि ऐसी बिजली तो गरमी के दिनों में नहीं कटी थी। कचहरी के सतीश कुमार के अनुसार बिजली की आवाजाही के चलते इनवर्टर और मोबाइल चार्ज नहीं हो रहे हैं। शहर के आइसक्रीम पार्लर और डीप फ्रीजर रखने वाले व्यापारियों की समस्या भी बढ़ गई है। उन्हें जनरेटर का सहारा लेना पड़ रहा है। सामान खराब होने के डर से कई व्यापारी कम सामान मंगा रहे हैं। त्योहारी सीजन में बिजली की अघोषित कटौती से कारोबारी नाराज हैैं। शुक्रवार को लगातार तीसरे दिन शाम को शहर के कई बड़े बाजार अंधेरे में रहे।


बिजली उपकेंद्रों के अनुसार गुरुवार की रात 12:10 से 2:10, शुक्रवार सुबह 9:15 से 11:15, शाम को 7 से 9:30 बजे तक कटौती का आदेश आया था। इसके अलावा बिजली आपूर्ति बहाल होने पर ओवरलोड की समस्या से बचने के लिए कई इलाकों की ट्रिपिंग हुई। बारी-बारी से फीडरों की आपूर्ति बाधित कर लोड बैलेंस किया गया। चौबीस घंटे में तकरीबन 10 से 12 घंटे बत्ती गुल रही। जलकल के सचिव आरएस सक्सेना ने बताया कि बिजली आने पर पेयजल की आपूर्ति की गई।
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