जिले में बुधवार की रात से गुरुवार की दोपहर तक हुई बारिश जान और माल के लिए आफत बन गई। चोलापुर में कच्चे मकान की दीवार ढह गई। मलबे में दबने से सुमन (30) और उसके डेढ़ वर्षीय पुत्र चिंटू की मौत हो गई वहीं परिवार के ही अन्य तीन लोग घायल हो गए। सिगरा में नगर निगम प्रेक्षागृह की दीवार ढह गई। इसके मलबे में दबकर उद्यान विभाग के माली छोटेलाल यादव की बेटी कुमकुम (13) की भी मौत हो गई। भेलूपुर के अस्सी और लोहता के टड़ियां गांव में मकान ढहने से गृहस्थी चौपट हो गई। वहीं, मीरघाट स्थित ब्रह्म बाबा का मंदिर भी गुरुवार को जमींदोज हो गया।
दानगंज संवाददाता के अनुसार के रजला गांव में भगावन का कच्चा मकान है। गुरुवार की सुबह भगावन अपने पुत्र जयराम, पुत्री समपत्ती देवी तथा नतिनि सुमन के साथ मकान के पास स्थित मड़ई में मौजूद थे। सुमन की गोद में उसका डेढ़ साल का पुत्र चिंटू भी था। सुबह करीब आठ बजे बारिश के बीच कच्चे मकान से कुछ मलबा उनकी मड़ई पर गिरा। लोग कुछ समझ पाते कि इसी बीच मकान की दीवार भराभरा कर मड़ई पर गिर पड़ी। मलबे में सभी पांच लोग दब गए। हादसे में सुमन और उसके पुत्र की मौत हो गई जबकि समपत्ती देवी, भगावन तथा जयराम घायल हो गए। पड़ोसियों ने किसी तरह मलबा हटाकर दोनों शवों के साथ तीनों घायलों को बाहर निकाला।
सुमन की शादी चोलापुर के मवइया गांव निवासी रामनरेश से हुई थी। पति से मनमुटाव होने के चलते वह अपने पुत्र के साथ रजला गांव में नाना भगावन के यहां रह रही थी। तीन दिन पूर्व ही उसका पति रामनरेश उससे मिलकर गया था। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में ले लिया। देर शाम तक पीड़ितों की सुधि लेने प्रशासन का कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा था। इसको लेकर ग्रामीण आक्रोशित थे।