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तीन तलाक: मजहब की रौशनी में ही तलाशेंगे समाधान,पीएम की अपील पर बोले जानकार

Mon, 01 May 2017 10:55 AM IST
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
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तलाक
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तीन तलाक का मुद्दा सियासत का नहीं। ये तो हम पहले से ही कह रहे हैं। ये मुद्दा मजहब का है और इसका समाधान मजहब की रौशनी में ही ढूंढना होगा। ये कहना है मुफ्ती मौलाना हारून रशीद नक्शबंदी का।

उनका कहना है कि अब जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे स्वयं सियासत का मुद्दा नहीं माना तो अन्य लोगों को इस पर अब और राजनीति नहीं करना चाहिए।

उनका कहना है कि उलेमा और मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड भी कह रहा है कि हम इस्लाम की रौशनी में इस मसले को खुद समझेंगे और इसका हल भी निकालेंगे। इस्लाम के कानून को सरकार को बदलने का हक नहीं है।
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जमीअतुल अंसार के जनरल सेक्रेटरी इशरत उस्मानी कहते हैं कि एक बार में तीन तलाक देने वालों के खिलाफ मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने पहले ही कोड ऑफ कंडक्ट जारी कर दिया है।
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धर्म की आड़ में तीन तलाक सामाजिक बुराई है। इसे समाज ही मिलकर दूर सकता है। उधर, अर्दली बाजार के बैंक कर्मी रहे हाजी अबुल हसन कहते हैं कि नेताओं की तो ख्वाहिश ही होती है कि उन्हें कोई मुद्दा मिले और वो इसे सियासत से जोड़ दें।

बेशक तीन तलाक का मसला मजहब से जुड़ा हुआ है। फिर भी इसका हल निकालना जरूरी है। 
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