इस मामले में सिंचाई विभाग की लापरवाही सामने आई और मंडलायुक्त ने अधिकारियों को फटकार भी लगाई थी। बैठक में वरुणा की सहायक नदियों बसुही व मोरवा के जीर्णोद्धार के लिए प्रयागराज और भदोही के अधिकारियों से पत्राचार करके एनजीटी के आदेशों का पालन कराने का निर्देश दिया गया था। वरुणा के उद्गम स्थल प्रयागराज के फूलपुर में स्थित मैलहन ताल की नदी तल की खोदाई के लिए डीएम प्रयागराज ने 19 मई को बैठक बुलाई थी। मोरवा नदी की सफाई के लिए भदोही जिलाधिकारी ने 18 मई को बैठक बुलाई थी।
कंदवा से गंगा असि संगम तक नदी तल व गाद की होगी सफाई
मंडलायुक्त की अध्यक्षता में पर्यवेक्षणीय समिति की ओर से 28 अप्रैल को हुई बैठक में असि नदी के उद्गम स्थल कंदवा से लेकर गंगा असि संगम तक नदी तल व गाद की सफाई के निर्देश दिए थे। इसके लिए सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग को निर्देश दिए गए थे। वरुणा के उद्गम स्थल मैलहन ताल की नदी तल की खोदाई के लिए सिंचाई, जल संसाधन, उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड प्रयागराज और वन विभाग को भूमि के रिकॉर्ड का सत्यापन राजस्व विभाग से कराकर कार्रवाई का निर्देश दिया था।
वरुणा नदी पर बना कोनिया पुल
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असि और वरुणा के संगम स्थल पर दोनों तरफ जैव विविधता पार्क बनाने के लिए सिंचाई व जल संसाधन विभाग को निर्देश दिए गए हैं। वरुणा व गंगा के संगमस्थल आदिकेशव घाट से लेकर वरुणा नदी के पांच किलोमीटर अंदर तक बायोडायवर्सिटी पार्क बनाने के लिए सिंचाई व जल संसाधन विभाग को निर्देश दिए गए हैं। दूसरी तरफ मंडलायुक्त ने असि घाट पर असि नदी के 25 साल पुराने संगम स्थल से लेकर वर्तमान संगम स्थल तक समयबद्ध तरीके से बायोडायवर्सिटी पार्क विकसित करने के लिए जिला वन अधिकारी को निर्देश दिए गए हैं।