पूर्वांचल राज्य के गठन के लिए रविवार को कैंट रेलवे स्टेशन पर ट्रेन रोकने की कोशिश की गई। पूर्वांचल राज्य जनांदोलन के कार्यकर्ताओं ने प्लेटफार्म नंबर सात पर लखनऊ इंटरसिटी के आगे प्रदर्शन किया। जीआरपी और आरपीएफ के जवानों ने ट्रेन रोकने की कोशिश को विफल कर दिया। इस दौरान फोर्स और संस्था के लोगों के बीच धक्कामुक्की हुई। करीब आधे घंटे तक अफरा-तफरी का माहौल रहा। मामले में आरपीएफ ने दो नामजद और 20 अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
ट्रेन रोकने की चेतावनी के मद्देनजर पहले से ही प्रवेश और निकास द्वार तथा प्लेटफार्म नंबर सात पर फोर्स तैनात थी। जैसे ही प्लेटफार्म सात पर लखनऊ इंटरिसिटी जाने को तैयार हुई, संगठन के लोग प्रदर्शन शुरू कर दिए। महिलाएं ट्रैक पर उतरकर नारेबाजी करने लगीं। महिला सिपाहियों से धक्कामुक्की की। जवानों ने सभी को ट्रैक से हटाया। जवानों ने घेरा बनाकर उन्हें रोका और ट्रेन रवाना हुई। प्रदर्शन के चलते ट्रेन निर्धारित समय से 10 मिनट की देरी से रवाना हुई। आरपीएफ के कंपनी कमांडर सतीश के अर्जुन ने बताया कि रेल रोकने का प्रयास, सरकारी कार्य में बाधा, यात्रियों के लिए असुविधा पैदा करना, रेल ट्रैक पर मना करने के बावजूद विरोध प्रदर्शन करने के लिए वंदना रघुवंशी, अनुज राही और 20 अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
संगठन के मुख्य कार्यकारी संयोजक अनुज राही हिंदुस्तानी ने कहा कि पूर्वांचल राज्य के गठन तक चैन से नहीं बैठेंगे। राष्ट्रीय प्रभारी पीआरजे उमेश मिश्रा ने 2019 लोकसभा चुनाव से पहले पूर्वांचल राज्य के गठन की मांग उठाई। राष्ट्रीय प्रभारी वंदना रघुवंशी ने कहा कि पूर्वांचल राज्य से कम कुछ भी नहीं चाहिए। इस दौरान वरिष्ठ स्टेशन प्रबंधक एके पांडेय को ज्ञापन भी सौंपा। आंदोलन में अनीशा शाही, सोमा श्रीवास्तव, आरती शर्मा, नूतन, अनुष्का, सचिन, आलोक, हरवंश, चंद भूषण, राजेश पांडेय, ज्ञानू, ऊषा, सीमा, ज्योति, पवन, हिमांशु आदि शामिल रहे।