बच्चों की सेहत पर रखनी होगी विशेष नजर
घर हो या बाहर बच्चों की सेहत को लेकर हर समय अलर्ट रहने की जरूरत है। पांच साल से कम उम्र के बच्चों में इनमें प्रतिरोधक क्षमता कम होने की वजह से संक्रमण का खतरा अधिक रहता है। इसी वजह से समय से टीकाकरण भी कराया जाता है। कोरोना का संक्रमण चल रहा है, तब तो और सतर्क रहने की जरूरत है।-प्रो. एसपी शर्मा, बाल रोग विशेषज्ञ, बीएचयू
बरतें ये सावधानी
- घर में बच्चों की सेहत पर विशेष नजर रखें
- किसी भी तरीके की परेशानी पर तुरंत डाक्टर के पास ले जाएं।
- नियमित तौर पर बच्चों को टीका भी लगवाते रहे।
- उनके खानपान पर भी नजर रखना चाहिए।
मां और बेटे का जो रिश्ता है, उसकी किसी से तुलना नहीं की जा सकती है। एक मां हमेशा अपने बेटे को अपने सामने खुश देखना चाहती है। जहां तक मासूमों के कोरोना से जंग लड़ने की बात है तो मां भी उनके साथ है। इसलिए उसका मनोबल भी बेटे को लेकर कम नहीं होगा। वह खुद भी बच्चे का देखभाल करने के साथ ही अस्पताल में भर्ती परिवार के अन्य सदस्यों को भी सामने देखती रहेगी तो तनावमुक्त रहेगी। मनोबल बढ़ने का जुड़ाव भी प्रतिरोधक क्षमता से होता है।
प्रो. संजय गुप्ता, मनोचिकित्सक, बीएचयू