10 से 12 दिन फंसी रहीं गाड़ियां
यूपी मोटर्स ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के वाराणसी मंडल प्रभारी सूर्यमणि तिवारी ने बताया कि 10 से 12 दिन गाड़ियों के फंसे रहने से ट्रांसपोर्टर और मालिकों को दिक्कत हो रही है। चालक और परिचालक का अलग खर्चा और गाड़ियों में माल लोड होने से चिंता बढ़ गई है। फतेहपुर, कानपुर, लखनऊ समेत अन्य शहरों में ही गाड़ियां खड़ी कराई जा रही हैं।
प्रयागराज होकर आने वाली गाड़ियों को डायवर्ट करके निकाला जा रहा है। इससे अतिरिक्त ईंधन और टोल का खर्च बढ़ रहा है। माल नहीं आने से आठ से 10 दिन तक ट्रांसपोर्ट बंद कराने से मजदूर भी परेशान हैं। इससे उनकी जीविका पर भी संकट आ चुका है। वाराणसी में 200 ट्रांसपोर्टर हैं, जिनसे दो से ढाई हजार लोग जुड़े हैं।