कैंट रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों को आउटर, यार्ड में खड़ी करने और देरी से चलने की समस्या का जल्द ही समाधान होगा। इसके लिए प्लेटफार्मों व उसपर आने वाली ट्रेनों को दिशावार अलग-अलग करने का निर्णय लिया गया है। इससे ट्रेनों की परिचालन क्षमता बढ़ जाएगी। यह काम यार्ड रिमॉडलिंग के बाद पूरा किया जाएगा।
स्टेशन पर अब तक जो ट्रैक खाली रहता है, उसी रूट से ट्रेनें चलाई जाती हैं। इससे पीछे या सामने से आने वाली ट्रेनों का कई बार क्राॅस मूवमेंट होने लगता है। इस कारण ट्रेनों काे आउटर या फिर यार्ड में रोकना पड़ता है। आगे से ऐसा नहीं होगा। अब प्लेटफार्मों को अलग-अलग दिशावार बांटा जाएगा। इससे क्रॉस मूवमेंट कम हो जाएगा। ट्रेनों की देरी से चलने की संभावना भी कम हो जाएगी। इस व्यवस्था का फायदा यात्रियों को भी मिलेगा। यात्रियों को आसानी से पता चल सकेगा कि उनकी ट्रेन किस प्लेटफार्म नंबर पर आने वाली है।
ऐसी होगी व्यवस्था
प्लेटफार्म नंबर इस लाइन से जुड़ेगा
1-4 मडुंवाडीह
1-5 लोहता
6-9 शिवपुर
डॉक प्लेटफार्म 10-11 को लोहता लाइन से जोड़ा जाएगा।
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कैंट रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्मों को अलग-अलग दिशा की तरफ जाने वाली ट्रेनों के हिसाब से बांटा जाएगा। इससे क्राॅस मूवमेंट कम होगा। इससे ट्रेनों के देरी से आने की संभावना कम हो जाएगी। इसका सीधा फायदा यात्रियों को मिलेगा।- गौरव दीक्षित, निदेशक, रेलवे स्टेशन कैंट