काशी विद्यापीठ विकास खंड के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मिसिरपुर में सोमवार को सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला हुई। इस सत्र का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में गैर-संचारी रोगों के प्रति जागरूकता बढ़ाना और सरकारी पोर्टल पर डेटा प्रबंधन मजबूत करना था। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. रामबली सिंह सहित अन्य वरिष्ठ चिकित्सकों ने इसमें प्रतिभाग किया।
इसमें चिकित्सा अधीक्षक ने सभी सीएचओ को निर्देश दिए कि वे अपने कार्यक्षेत्र की लक्षित आबादी के सापेक्ष कम से कम 37 प्रतिशत लोगों की रक्तचाप (बीपी) और मधुमेह (शुगर) की स्क्रीनिंग अनिवार्य रूप से करें। सभी मरीजों का विवरण ई-कवच पोर्टल पर अपलोड करने कहा। बैठक में आयुष्मान भारत योजना की समीक्षा भी की गई। अधिकारियों ने सीएचओ को निर्देशित किया कि वे अपने क्षेत्र के पात्र लाभार्थियों को आयुष्मान कार्ड उपलब्ध करवाकर लोगों को इसका लाभ दिलाएं। टीबी उन्मूलन की दिशा में सक्रिय भूमिका निभाते हुए संभावित रोगियों की स्क्रीनिंग करने और उनकी जानकारी निक्षय पोर्टल पर अपडेट करने की बात कही गई। स्वास्थ्य विभाग की टीम से डॉ. योगेश यादव, डॉ. विक्की विश्वकर्मा, डॉ. संजीव सिंह, एचईओ वीरेंद्र चौहान और एआरओ डॉ. बसंत राय उपस्थित रहे।