बीएच यू ट्रामा सेंटर मे आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम मे मौजूद कुलपति व अन्य
आईएमएस बीएचयू के ट्रॉमा सेंटर में दो दिवसीय सॉफ्ट स्किल्स कार्यशाला के पहले दिन प्रशिक्षण और सतत अभ्यास पर चर्चा हुई। उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में प्रशिक्षण और सतत अभ्यास बहुत जरूरी है। स्वास्थ्य क्षेत्र में सॉफ्ट स्किल्स का प्रशिक्षण किसी भी अन्य कौशल से कम महत्वपूर्ण नहीं है।
ट्रॉमा सेंटर के स्किल सेंटर में कुलपति ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में प्रभावी संवाद केवल सुझाव देने से नहीं, बल्कि प्रशिक्षण और सतत अभ्यास से विकसित होता है। चिकित्सक संवेदनशीलता और समर्पण के साथ कार्य करते हैं, फिर भी भावनात्मक रूप से तनावपूर्ण परिस्थितियों में संवाद प्रभावित हो सकता है। प्रो. चतुर्वेदी ने कहा कि यदि चिकित्सक स्वयं तनावग्रस्त हो जाएं तो उपचार की गुणवत्ता प्रभावित होती है। इसलिए संवाद कौशल एवं भावनात्मक संतुलन का प्रबंधन अत्यंत आवश्यक है। आईएमएस बीएचयू के निदेशक प्रो. एसएन संखवार ने कहा कि चिकित्सा पेशा मूलतः मानवता की निस्वार्थ सेवा पर आधारित है।
एम्स नई दिल्ली के प्रो. संजय राय ने कहा कि संप्रेषण कौशल केवल मरीजों की देखभाल तक सीमित नहीं है, बल्कि व्यक्तिगत जीवन में भी समान रूप से महत्वपूर्ण है। इसे विनम्रता, सम्मान और आत्ममंथन के साथ विकसित किया जाना चाहिए। ट्रॉमा सेंटर प्रभारी प्रो. सौरभ सिंह ने प्रतिभागियों से प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त ज्ञान को व्यावहारिक परिस्थितियों में लागू करने का आह्वान किया। कहा कि वास्तविक परिस्थितियां चुनौतीपूर्ण होती हैं और उनमें टीमवर्क व सजगता अत्यंत आवश्यक होती है। इस दौरान मास्टर ट्रेनर मनीषा चौधरी, जॉय देब ने कार्यशाला में प्रतिभागियों को प्रशिक्षण प्रदान किया। संचालन डॉ. आकांक्षा चौधरी, धन्यवाद ज्ञापन प्रो. राजेश मीणा ने किया। कार्यकम में डिप्टी एमएस प्रो. अंकुर सिंह, प्रो. अच्युत कुमार पांडेय, प्रो. राकेश पांडेय, ट्रॉमा सेंटर के सहायक कुलसचिव डॉ. शार्दुल चौबे मौजूद रहे।