ट्रेन हरी झंडी दिखाकर लखनऊ के लिए रवाना करतीं सहायक स्टेशन मास्टर
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पूरी तरह महिलाओं द्वारा नियंत्रित गुड्स ट्रेन चलाकर महिला चालक और गार्ड पूरी तरह गदगद दिखीं। महिला सशक्तिकरण का उदाहरण बनी महिला चालक और गार्ड को आशीष देने के लिए उनके अभिभावक भी रेलवे स्टेशन पर पहुंचे थे।
प्लेटफार्म नंबर एक पर पूर्वी और पश्चिमी छोर पर वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए हरी झंडी दिखाने का दृश्य देखने को लोग जुटे रहे। इस दौरान सुरक्षा के विशेष इंतजाम रहे। पीडीडीयू नगर से गया के बीच चली गुड्स ट्रेन की लोको पायलट ममता और सहायक पायलट अनिता कुमारी रही।
दोनों ने बताया कि पहली बार महिला नियंत्रित गुड्स ट्रेन चलाकर गर्व का अनुभव हो रहा है। इस ट्रेन को चलाकर हम लोग साबित करेंगे कि महिलाएं किसी से कम नहीं हैं। चालक ममता की उपलब्धि से गदगद आसनसोल निवासी माता श्यामली अधिकारी और पिता मधुसूदन अधिकारी ने बताया कि उन्हें बेटी की इस उपलब्धि पर गर्व है।
पूर्व मध्य रेलवे द्वारा पहली बार टायलेट, पंखा, रोशनी, वाशरूम की सुविधा युक्त गार्ड डिब्बे में सवार गार्ड खुशबू कुमारी एवं सुधा कुमारी भी अत्यंत हर्षित दिखीं। बिहार के औरंगाबाद निवासी सुधा कुमारी के माता जनक किशोरी देवी और पिता सुनील शर्मा बेटी की उपलब्धि पर अत्यंत गौरवान्वित दिखे।
फर्श से अर्श तक पहुंची पंडित दीनदयाल की स्मृति
ट्रेन की गार्ड सुधा कुमारी
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एकात्मवाद के प्रणेता पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जन्मशती मना रहे भाजपा व उनकी सरकार ने उनकी स्मृति को फर्श से अर्श तक पहुंचा दिया। रविवार को आयोजित मुग़लसराय जंक्शन के नए नाम पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन के लोकार्पण समारोह में उनके नाम से कई स्मृतियों को अंजाम देने की घोषणा की गई।
भाजपा की केंद्र व प्रदेश की सरकार ने उनकी जन्मशती वर्ष में काफी सौगात दी है। प्रदेश में सरकार बनने के बाद पहले मुग़लसराय नगरपालिका को पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर किया गया। उसके बाद स्थानीय सांसद डॉ महेंद्रनाथ पांडेय ने मुग़लसराय जंक्शन का नाम पंडित दीनदयाल जंक्शन करने की कवायद शुरू की जिसे अंजाम तक पहुंचाया गया।
पांच अगस्त को उनके नाम का लोकार्पण करने के लिए भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष व राज्यसभा सांसद अमित शाह, रेलमंत्री पीयूष गोयल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आदि ने उनके नाम से कई योजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास किया।
एकात्मता ट्रेन मुगलसराय से लखनऊ तक, पड़ाव पर 65 फिट ऊंची आदमकद प्रतिमा, स्मृति व शोध संस्थान के अलावा अन्य योजनाएं संचालित होंगी। इसके साथ ही इस अवसर पर एक गुड्स ट्रेन चलाई गई जिसे केवल महिला चालक व गार्ड लेकर चलेंगी। जिसे हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। जन्मशती वर्ष में पंडित दीनदयाल उपाध्याय के स्मृति को यादगार बनाया गया।