वाराणसी से गोरखपुर के बीच जल्द ही इलेक्ट्रिक ट्रेनें दौड़ेंगी। पूर्वोतर रेलवे के वाराणसी मंडल ने सालों से अटके भटनी-औड़िहार 125 किमी रेलखंड पर विद्युतीकरण का काम पूरा कर लिया है। इलेक्ट्रिक इंजन का ट्रायल भी सफल रहा है। अब रेल संरक्षा आयुक्त के ट्रायल के बाद इस ट्रैक पर इलेक्ट्रिक टेनों के संचालन को हरी झंडी मिल जाएगी।
भटनी-औंड़िहार रेल खंड पर 125 किमी रूट पर विद्युतीकरण का काम पूरा करने के साथ ही भटनी-किड़िहरापुर और औड़िहार-इंदारा के बीच इलेक्ट्रिक लाइन का कार्य पूरा कर लिया गया है। कुछ ही दिनों में इन रेल खंडों का निरीक्षण कर रेल संरक्षा आयुक्त ट्रेनों के संचालन को हरी झंडी देंगे।
पूर्वोतर रेलवे ने पिछले साल 540 किमी रेलवे ट्रैक के विद्युतीकरण का कार्य पूरा किया था। साल 2016-17 में 159.20 रूट किमी., 2017-18 में 167.14 रूट किमी. व 2018-19 में 431.23 रूट किमी रेलखंड का विद्युतीकरण कार्य पूरा हुआ।
जनसंपर्क अधिकारी अशोक कुमार ने बताया कि रेल संरक्षा आयुक्त के ट्रायल के बाद इन रूटों पर इलेक्ट्रिक इंजन की ट्रेनें चलने लगेंगी। वहीं, पूर्वोत्तर रेलवे के सीपीआरओ पंकज कुमार सिंह ने बताया कि 18 जून को भटनी-किड़िहरापुर और 19 जून को औड़िहार-इंदारा के बीच इलेक्ट्रिक इंजन का ट्रायल कर लिया गया है।