इस बीच संकट मोचन पुलिस चौकी पर तैनात पुलिसकर्मियों की लापरवाही के कारण पुलिस चौकी से लेकर लंका-दुर्गाकुंड मार्ग पर भीषण जाम लग गया। जाम की समस्या का इस बात से अंदाजा लगाया जा सकता है कि संकट मोचन पुलिस चौकी से दुर्गाकुंड की दूरी मोटरसाइकिल से तय करने में डेढ़ घंटे का समय लगा।
जाम में भीड़ का दबाव बढ़ने पर भगदड़ जैसा माहौल बन गया। लोग सड़क के किनारे स्थित दीवारों पर चढ़कर किसी तरह जाम से निकलने का जुगात करने लगे। प्रशासन की घोर लापरवाही का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि जिस रास्ते पर दर्शनार्थी पैदल चलने में आपस में नोकझोंक कर रहे थे।
उस रास्ते पर एक वीआईपी कार घुसने से जाम और बढ़ गया। वीआईपी की कार जाम में फंसने की जानकारी मिलते ही मौके पुलिसकर्मी पहुंचे। इसके बाद जाम को छुड़वाने में जुट गए। पुलिसकर्मी जाम को छुड़ा रहे थे कि एक बैल के आने के कारण लोगों में अफरातफरी मच गयी और देखते ही देखते जान बचाने के लिए लोग भागने लगे।
वहीं भेलुपुर इलाके में अस्सी चौराहा, सोनारपुरा से गोदौलिया जाने वाला मार्ग, भेलुपुर थाने के सामने, दुर्गाकुंड पुलिस के सामने लंका मार्ग पर भीषण जाम लगा। जाम से बचने के लिए राहगीर गलियों में घुसे, लेकिन कुछ ही देर में गलियां भी वाहनों से भर गई। लोग अपने जगहों पर घंटो फंसे रहे है।
लंका पर लगे जाम को इंस्पेक्टर लंका भारत भूषण तिवारी ने किसी तरह एक घंटे बाद जाम को छुड़ाया। जाम को छुड़ाने की जिम्मेदारी लिए ट्रैफिक के जवान लंका रविदास चौराहे व मालवीय चौराहे वाहनों की चेकिंग करने के नाम पर वसूली करने में लगे रहे।