इन्हीं कारणों से शहर में आए दिन जाम लगता है। चौक, मैदागिन, गोदौलिया, दशाश्वमेध घाट, विश्वेश्वरगंज, रेवड़ी तालाब, बीएचयू, लंका, सारनाथ, कमच्छा, अस्सी घाट, लंका समेत 30 से अधिक इलाकों में आवागमन के प्रमुख साधन सिर्फ ऑटो और ई-रिक्शा हैं।
शहर में आबादी की रफ्तार से दिन-प्रतिदिन गाड़ियों की संख्या भी बढ़ रही है। इन वाहनों को खड़ी करने की जगह हो या न हो, लेकिन एक घर में दो से तीन वाहन देखे जा सकते हैं।
स्थाई पार्किंग स्थलों में पार्क होते हैं 1685 वाहन गोदौलिया पार्किंग स्थल में 375 दोपहिया वाहन खड़े होते हैं। बेनियाबाग में 600 (470 चार पहिया और 130 दो पहिया वाहन) और टाउनहॉल में 370 (240 चार पहिया, 130 दो पहिया) वाहन खड़े होते है।
इनके अलावा सर्किट हाउस में 340 (225 चार पहिया, 115 दो पहिया) वाहन खड़े हो रहे हैं। आरटीओ में वाहनों की संख्या 12.75 लाख बनारस आरटीओ में रजिस्टर्ड वाहनों की संख्या करीब 12.75 लाख तक पहुंच गई है। दस वर्ष पहले 2012 में वाहनों की संख्या 5 लाख थी।
कचहरी पर मल्टीलेवल पार्किंग के सामने खड़े वाहन।
- फोटो : अमर उजाला
बीते पंद्रह सालों में शहर में कुछ फ्लाईओवर और आरओबी जरूर बने हैं, लेकिन सड़कों की संख्या वही है। ऐसे में जाम लगना स्वाभाविक है। जाम से निजात के लिए हर दिन नए उपाय किए जाते हैं लेकिन वाहनों की संख्या के आगे सब फेल हो जाते हैं।
नगर निगम और वीडीए की ओर से चार जगहों पर पार्किंग बनाने का प्रस्ताव नगर निगम की ओर से सिगरा और पशु चिकित्सालय में पार्किंग स्थल के साथ व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स बनाने का प्रस्ताव है। इसके अलावा वीडीए की ओर से दो जगहों पर पार्किंग बनाने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है।
इनमें सारनाथ में 0.62 हेक्टेयर में बनने वाली पार्किंग में 50 बसें और 200 वाहन खड़े होंगे। इस पर 49.5 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इनके अलावा मुनारी रोड पर भी चार हजार वर्ग मीटर में पार्किंग बननी है। यहां 600 वाहन खड़े होंगे।
सड़कों पर दौड़ रहे 18475 ई-रिक्शे रिकाॅर्ड के अनुसार बनारस में 18,475 ई-रिक्शा सड़कों पर दौड़ रहे हैं। जबकि इनकी तादाद 25 हजार से ज्यादा है। इनके अलावा 15 हजार से अधिक ऑटो वाले भी फर्राटा भर रहे हैं। इन्हें जब लाइसेंस और परमिट बांटा जा रहा था, तब तय किया गया था कि शहर में इनकी तादाद 6,500 से 7,000 रहे।
बोले अधिकारी
नगर निगम के जरिये लोगों से अपील की जा रही है वे निजी जमीन पर पार्किंग बनवाएं। कोई आगे नहीं आ रहा है। आने वाले दिनों में कुछ और पार्किंग स्थल बनवाने की योजना को मूर्त रूप दिया जाएगा। - एस राजलिंगम, जिलाधिकारी