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Sonbhadra: जलभराव से चाहिए मुक्ति तो बंद नाले-नालियों की करनी होगी बहाली, समस्या को लेकर व्यापारी हुए मुखर

Tue, 02 Sep 2025 06:32 PM IST
प्रगति चंद अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

संगठन के जिलाध्यक्ष कौशल शर्मा ने कहा कि जल निकासी के लिए नगर में सीएंडडीएस से निर्मित कराए गए नाले के डीपीआर में पहले बढ़ौली चौराहे से पानी लेकर हिंदुआरी के पास बेलन नदी में गिराना था लेकिन बाद में इसे दूसरी तरफ डायवर्ट कर दिया गया।
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व्यापार संगठन ने उठाया जलभराव का मुद्दा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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जिला मुख्यालय पर लाइलाज बन चली जलभराव की समस्या को लेकर अब व्यापारी भी मुखर हो गए हैं। मंगलवार को उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार संगठन ने प्रेस कांफ्रेंस में जहां ड्रेनेज सिस्टम की दुरुस्ती के लिए बंद नाले-नालियों की पूर्व की तरह बहाली की मांग उठाई तो गंभीर मुद्दे पर जनप्रतिनिधियों में हो रहे आरोप-प्रत्यारोप की बजाय जनता को समाधान देने की बात कही। यह भी कहा कि जनता की गाढ़ी कमाई खर्च होने के बाद भी कोई निर्माण निष्प्रयोज्य साबित हो रहा है तो उसके लिए संबंधितों की जवाबदेही तय की जाए।

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संगठन के जिलाध्यक्ष कौशल शर्मा ने कहा कि जल निकासी के लिए नगर में सीएंडडीएस से निर्मित कराए गए नाले के डीपीआर में पहले बढ़ौली चौराहे से पानी लेकर हिंदुआरी के पास बेलन नदी में गिराना था लेकिन बाद में इसे दूसरी तरफ डायवर्ट कर दिया गया। कार्य में अनियमितता से निर्माण की उपयोगिता घट गई। नाली के गंदे पानी को सीधे पकरी जाने वाली नहर में गिराए जाने पर भी सवाल उठाया। 

कहा कि नगर के लोगों को आरोप-प्रत्यारोप नहीं समस्या का समाधान चाहिए। इस पर जनप्रतिनिधियों को विशेष रूप से ध्यान देना होगा। कहा कि नपा प्रशासन, सीएंडडीएस देानों से समस्या के समाधान की गुहार लगाई गई। जिला महामंत्री प्रीतपाल सिंह और वरिष्ठ जिला उपाध्यक्ष राजेश जायसवाल ने कहा कि चंडी तिराहे से उरमौरा के बीच हाइवे पर 25 से अधिक नाले-नालियां थीं, लेकिन 2014-15 फ्लाईओवर निर्माण और चौड़ीकरण के साथ ही अधिकांश का वजूद मिट गया। 
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तीन नालों के निर्माण पर सहमति भी जताई गई लेकिन दो का ही निर्माण हुआ। उसका भी लेवल ढलान की बजाय दूसरी तरफ किए जाने से पानी निकासी अवरुद्ध है। नगर में कई जगह नाली का लेवल सड़क से ऊंचा रखने से भी कई हिस्सों में जलभराव की समस्या गंभीर है। 
 
हाईवे से जुड़े नालों की सफाई-दुरूस्ती पर दिया जाए ध्यान  
नगर अध्यक्ष प्रशांत जैन, दिलकरन सिंह, अमित अग्रवाल, गुरप्रीत सिंह, अमित जायसवाल आदि का कहना था कि एक तरफ जहां नगर के भीतरी क्षेत्र के जल निकासी के लिए सीएंडडीएस की तरफ से आनन-फानन बरसात में किए गए निर्माण से जल निकासी की समस्या हल होने की बजाय और गंभीर हो गई है। हाइवे के दोनों तरफ मौजूद नालों की सही तरीके से सफाई न होने, टूटे ढक्कनों, जगह-जगह गड्ढे में तब्दील साइड लेन को दुरूस्त न किए जाने से बारिश के समय आवागमन जोखिम भरा साबित होने लगा है। जल्द समाधान न निकलने पर सड़क पर उतरने की चेतावनी दी गई।  

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