वाराणसी। आंधी-पानी से रविवार की रात कई स्थानों पर पेड़, पोल और दीवार गिरने से जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया। करीब 75 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवाओं के साथ तेज बारिश ने लोगों को हिला कर रख दिया। जगह-जगह पोल उखड़ने और तार टूटने से सोमवार को देर शाम तक कई क्षेत्रों में बिजली की आपूर्ति शुरू नहीं हो पाई थी। इसके चलते प्रभावित इलाकों के लोग बिजली-पानी को तरस गए। बारिश के चलते पेट्रोलिंग और मरम्मत कार्य में दिक्कत आई।
आंधी पानी के कहर से सभी पारेषण और वितरण उपकेंद्रों के सभी फीडरों को बंद कर दिया गया था। रात करीब 11 बजे तक भदैनी, गोदौलिया, सोनिया, नगर निगम, मैदागिन, काशी, टाउनहाल, चौक, अर्दली बाजार के कुछ हिस्से में बिजली आपूर्ति सामान्य हो गई थी। वहीं 33 केवी पन्नालाल की आपूर्ति पारेषण उपकेंद्र से रात 11.30 बजे बहाल हो गई थी। लेकिन 11 केवी लाइन पर गिरे पेड़ों की कटाई के कारण आपूर्ति बहाल नहीं हो पाई थी। मध्य रात सभी फीडरों को चालू कर आपूर्ति बहाल कर दी गई थी। लेकिन पूरी रात बिजली की आवाजाही लगी रही। दूसरी तरफ, रविवार की रात 11.45 बजे 33 केवी फीडर दौलतपुर शुरू हो गया। जबकि दौलतपुर उपकेंद्र के 11 केवी फीडर पर बिजलीकर्मी पेट्रोलिंग की। तब जाकर देर रात आपूर्ति बहाल हुई। लेकिन सोमवार को भी बिजली के आने-जाने का क्रम जारी रहा। इसी प्रकार, पांडेयपुर, सांस्कृतिक संकुल, बड़ा लालपुर, तरना और कोईलहवा उपकेंद्र से भी घंटों बिजली आपूर्ति ठप रही। नरिया, भेलूपुर, करौंदी, शंकुलधारा, बेनिया, मच्छोदरी, कज्जाकपुरा, अलईपुर, लेढ़ूपुर आदि उपकेंद्रों से जुड़े इलाकों की बिजली रविवार की देर रात तक बाधित रही। चौकाघाट, काशी विद्यापीठ, नगर निगम आदि उपकेंद्रों से सोमवार को भी पूरे दिन बिजली की आवाजाही लगी रही। करौंदी, डाफी, रामनगर, डीपीएच, लोहता, चांदपुर, कोटवां, शक्तिपीठ आदि उपकेंद्रों से भी रविवार को ही नहीं सोमवार को पूरे दिन बिजली की आवाजाही लगी रहने से पानी की भी आपूर्ति भी प्रभावित हुई। नरिया, ककरमता, मंडुवाडीह, न्यू कॉलोनी, कश्मीरीगंज आदि इलाकों में बिजली-पानी का संकट रहा सोमवार को विद्युतकर्मियों ने उखड़े और लटके पोलों को दुरुस्त किया। टूटे तार जोड़े। पूरे दिन युद्धस्तर पर काम चला। फिर भी सोमवार की रात तक कई इलाकों की बिजली बहाल नहीं हो पाई थी।
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ग्रामीण क्षेत्रों में गिरे बिजली के पोल, आपूर्ति बाधित
वाराणसी। चोलापुर क्षेत्र में दर्जनों पेड़ उखड़ गए वही कई विद्युत पोल गिरने से विद्युत सप्लाई भी ठप हो गई। जेई सुभाष राम ने बताया कि मरम्मत कार्य चल रहा है। रसूलगढ़ और सलारपुर में बिजली के तार पर पेड़ गिरने रास्ता बंद होने के साथ ही कई गांवों की बिजली आपूर्ति बंद हो गयी है। मिर्जामुराद क्षेत्र में दर्जनों गांवों में बिजली आपूर्ति बाधित रही। पिंडरा विद्युत उपकेंद्र के एसडीओ विद्युत राहुल सिंह ने बताया कि स्टेशन गजोखर व पिंडरा विद्युत उपकेंद्र के लिए आई लाइन में खराबी से आपूर्ति ठप हो गई थी। सेवापुरी में बिजली के तारों पर पेड़ गिरने से बिजली आपूर्ति बाधित रही। अभियंता सेवापुरी राजकुमार ने बताया सेवापूरी विद्युत उपकेंद्र पर 42 बरनी विद्युत केंद्र क्षेत्र में 19 विद्युत पोल गिरे हैं। मरम्मत की जा रही है।
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आंधी में गिरे पेड़, मकान भी क्षतिग्रस्त
वाराणसी। रविवार को देर शाम आई आंधी से जगह-जगह पेड़ गिर गए। इससे आवागमन बाधित रहा। वहीं कई जगहों पर मकानों पर पेड़ गिरने से गृहस्थी के सामान दब गए।
चिरईगांव क्षेत्र के कमौली के हरिनाथ गुप्ता के पावरलूम पर चहारदीवारी और दीनापुर के दिनेश यादव, रघुनाथपुर के बरखू मौर्य की भी बाउंड्री गिर गई। जाल्हूपुर में पेड़ गिरने से एक मवेशी की मौत हो गई। दीनापुर में टीनशेड से एक व्यक्ति घायल हो गया। चोलापुर के चंदापुर स्थित गैस एजेंसी गोदाम की बाउंड्री क्षतिग्रस्त हो गई। जंसा थाना क्षेत्र के लहिया गांव में चंद्रेश मास्टर के मुर्गी फार्म पर पेड़ गिरने से सीमेंट शेड क्षतिग्रस्त हो गया। इससे पांच हजार मुर्गी के बच्चे मर गए। मंजू सिंह के मकान पर पेड़ गिरने से गृहस्थी का सामान दब गया। मिर्जामुराद में गौर ग्राम स्थित हरिरामपुर बस्ती में रूपचन्द राजभर के पोल्ट्री फार्म का छप्पर उड़ गया। वही डनगहरिया गांव निवासी रमाशंकर पटेल के मकान पर पेड़ गिर गया। नहिया में मीरा देवी के घर पर पेड़ गिर गया। इससे गृहस्थी का सामान मलबे में दब गया। रोहनिया-डीएलडब्ल्यू मार्ग पर हरिहरपुर में पेड़ गिरने से तीन मकानों का कुछ हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। सोमवार को गिरे हुए पेड़ की डालियों को काटकर ग्रामीणों ने सड़क पर रख चक्का जाम कर दिया। स्थानीय निवासी छोटेलाल पटेल के नेतृत्व में सुरेश पटेल, भगवानदास, विकास मौर्य, रामचंद्र, ज्ञानदास भारद्वाज, भगवान दास ने मुआवजा के लिए ग्राम प्रधान को पत्रक दिया।
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आम की फसल को 55 फीसदी नुकसान
वाराणसी। आंधी-पानी से सब्जियों और आम की फसल बर्बाद हो गई है। जिला उद्यान अधिकारी संदीप कुमार गुप्त ने बताया कि आम के फसल को 55 प्रतिशत, केले की फसल को 40 प्रतिशत और सब्जियों को पानी लगने से 10 प्रतिशत के नुकसान का अनुमान है।
उन्होंने बताया कि इस समय रबी की कोई फसल खड़ी नहीं है। जायद उरद और मूंग की एक माह की फसल है। जिस पर ज्यादा कोई असर नहीं पड़ा है। आंधी का ज्यादा असर सब्जी और आम की फसलों पर पड़ा है। महावीर कौजालगी, जिला वनाधिकारी ने बताया कि विभाग के 25 कर्मचारी नगर निगम के सहयोग से गिरे पेड़ों को हटाने में लगे रहे।
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केला और आम हुआ बर्बाद
डेढ़ हेक्टेयर के क्षेत्रफल में केले की फसल खड़ी थी। 90 प्रतिशत तक केले की फसल तैयार हो चुकी थी। आंधी ने 50 प्रतिशत तक केले की फसल को बर्बाद कर दिया। वहीं पांच बीघा में लगे आम 25 प्रतिशत तक गिर गए।-गोपाल नारायण सिंह, किसान, जयरामपुर
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खेतों में सड़ जाएंगी फूल और सब्जियां
आंधी के साथ हुई बारिश ने सब्जीऔर फूल के खेत में पानी लगने से सड़न की समस्या उत्पन्न हो गई है। इस समय मंडी में मांग भी कम है। जिससे सब्जिया और फूल अब खेतों में ही सड़ जाएंगी। -अच्छेलाल, किसान, फूलपुर
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खरबूजा हो गया खराब
खरबूज की फसल बारिश होने से खराब होनी लगी है। खरबूज की फसल बाजार में जाने को तैयार थी मगर रविवार बारिश के चलते उसमें सड़न की संभावना बढ़ गई।- विमलेश वर्मा, किसान फूलपुर